उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में पत्रकार राघवेंद्र वाजपेयी की हत्या में शामिल दोनों शूटर पुलिस मुठभेड़ में मारे गए हैं। यह एनकाउंटर देर रात पिसावा थाना क्षेत्र के जल्लापुर इलाके में एसटीएफ, क्राइम ब्रांच और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम के साथ हुआ।
मारे गए दोनों बदमाशों की पहचान राजू तिवारी उर्फ रिजवान और संजय तिवारी उर्फ शिब्बू उर्फ शकील खान निवासी अटवा थाना मिसरिख, सीतापुर के रूप में हुई है। दोनों को गोली लगने के बाद पहले सीएचसी और फिर जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
इस मामले में थे फरार
बता दें कि पत्रकार राघवेंद्र वाजपेयी की 8 मार्च को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। परिजनों के अनुसार, दोपहर करीब दो बजे उनके पास एक फोन आया था, जिसके बाद वे घर से निकले और कुछ ही देर में उनकी हत्या की सूचना मिली। पहले स्थानीय पुलिस जांच कर रही थी, लेकिन जब कोई सफलता नहीं मिली, तो केस एसटीएफ को सौंपा गया।
जांच में यह खुलासा हुआ कि हत्या की साजिश कार्यदेव मंदिर के पुजारी विकास राठौर उर्फ शिवानंद बाबा ने रची थी। शिवानंद मंदिर में रह रहे किशोरों का यौन शोषण करता था, और पत्रकार राघवेंद्र इस विषय पर खबर बना रहे थे।
शिवानंद को डर था कि सच्चाई सामने आ गई तो उसकी साख खत्म हो जाएगी और वह जेल चला जाएगा। इसी वजह से उसने राघवेंद्र की हत्या के लिए चार लाख रुपये की सुपारी देकर दो शार्प शूटरों को लगाया था।
हत्यारों पर था इनाम
इन दोनों हत्यारों की तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही थी। दोनों पर एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित था। आखिरकार, देर रात हुई मुठभेड़ में दोनों को मार गिराया गया।