उत्तर प्रदेश के तीन अलग-अलग जिलों में हाल ही में हुई पुलिस मुठभेड़ों ने राज्य की कानून व्यवस्था को लेकर पुलिस की गंभीरता और तत्परता को फिर एक बार उजागर कर दिया है। हरदोई, सिद्धार्थनगर और सहारनपुर में पुलिस की सख्त कार्रवाई ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अपराधियों के लिए अब कोई जगह नहीं बची है। इन तीनों मामलों में पुलिस की चुस्ती, साहस और तेज कार्रवाई ने न केवल अपराधियों को बेनकाब किया, बल्कि आम जनता में सुरक्षा का भरोसा और मजबूत किया है।
हरदोई
सवायजपुर कोतवाली क्षेत्र के महरेपुर गांव में तीन दिन पहले एक महिला से कुंडल नोचने की घटना ने इलाके में सनसनी फैला दी थी। पुलिस ने इस मामले में तेजी से कार्रवाई करते हुए आरोपितों को ट्रैक किया और गुरुवार को एक मुठभेड़ में दोनों बदमाशों को घायल कर दबोच लिया। घायल अवस्था में उन्हें पहले सवायजपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और फिर मेडिकल कॉलेज हरदोई रेफर किया गया।
मौके पर पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन, एडिशनल एसपी मार्तण्ड प्रकाश सिंह और सीओ शिल्पा कुमारी खुद पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस का कहना है कि वारदात को अंजाम देने वाले बदमाशों के खिलाफ कई आपराधिक मामले पहले से दर्ज हैं।
सिद्धार्थनगर
यहां भी एक बेहद साहसी मुठभेड़ सामने आई, जहां एसओजी, कोतवाली लोटन और मोहना पुलिस की टीम को एक 25 हजार रुपये के इनामी बदमाश की तलाश थी। चेकिंग के दौरान बदमाश ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसमें लोटन थानाध्यक्ष दिनेश कुमार सरोज की कनपटी से गोली बाल-बाल बची।
पुलिस ने संयम दिखाते हुए जवाबी कार्रवाई की, जिसमें अपराधी के पैर में गोली लगी और उसे गिरफ्तार कर लिया गया। इस कुख्यात बदमाश पर चार दर्जन से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज हैं।
सहारनपुर
गागलहेड़ी क्षेत्र में 10 लाख की सुपारी लेकर हुई हत्या का खुलासा पुलिस ने मुठभेड़ के जरिए किया। दो 50-50 हजार के इनामी बदमाश—हरियाणा के प्रमोद उर्फ रामकरण और सोमवीर उर्फ मोनू—को पुलिस ने मुठभेड़ में घायल कर पकड़ लिया।
इनके पास से तमंचे और भारी मात्रा में कारतूस बरामद हुए। इससे पहले इसी हत्याकांड में एक लाख का इनामी अरमान उर्फ दीपू भी पुलिस के हत्थे चढ़ चुका है।