लखनऊ। उत्तर प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर पुलिस ने बड़ा नेटवर्क तैयार किया है। अब प्रदेश के हर थाने में महिला हेल्प डेस्क स्थापित की गई है, ताकि शिकायत लेकर आने वाली महिलाओं को अलग काउंटर पर महिला पुलिसकर्मी ही सुनें और उन्हें किसी तरह की झिझक न हो।
सरकार ने बताये आंकड़े
सरकार के मुताबिक प्रदेश में 19,045 महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। सिर्फ थाने ही नहीं, बल्कि गली-मोहल्ले तक सुरक्षा पहुंचाने के लिए 8,694 महिला बीटें बनाई गई हैं। ये महिला बीटें अपने इलाके की महिलाओं से सीधे मिलती हैं, स्कूल-कॉलेज, बाजार और गांव में जाकर संवाद करती हैं और छोटी शिकायत को वहीं निपटा देती हैं ताकि मामला बड़ा न बने।
महिलाओं और युवतियों से छेड़छाड़ और मनचलों पर शिकंजा कसने के लिए एंटी रोमियो अभियान लगातार चल रहा है। आंकड़ों के मुताबिक 1 अप्रैल 2022 से 30 सितंबर 2026 तक पूरे प्रदेश में 87 लाख 45 हजार से ज्यादा स्थानों पर चेकिंग की गई।
इस दौरान 4 करोड़ 83 लाख से ज्यादा लोगों की जांच की गई। अभियान में 19,554 मुकदमे दर्ज किए गए और 24,434 लोगों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की गई। वहीं 1 करोड़ 71 लाख से ज्यादा लोगों को मौके पर चेतावनी देकर छोड़ा गया।
अफसरों ने कहा ये
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि एंटी रोमियो का मकसद सिर्फ चालान या गिरफ्तारी नहीं, बल्कि लड़कियों में सुरक्षा का भरोसा पैदा करना है। हेल्प डेस्क और महिला बीट के जरिए अब शिकायतें तेजी से दर्ज हो रही हैं और उन पर कार्रवाई भी हो रही है।