आगरा। रामबाग क्षेत्र में ड्यूटी को लेकर पुलिसकर्मियों के बीच विवाद सामने आया है। गैरहाजिर मिले दो सिपाहियों के खिलाफ रपट दर्ज कराना दरोगा को महंगा पड़ गया। आरोप है कि कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद दोनों सिपाही चौकी पहुंचे और दरोगा से विवाद करने लगे। मामला इतना बढ़ गया कि उनके साथ कथित तौर पर गाली-गलौज और मारपीट की कोशिश तक की गई। शिकायत के बाद अधिकारियों ने मामले की जांच कराई। जांच रिपोर्ट के आधार पर दोनों सिपाहियों को निलंबित कर दिया गया है।
ये है मामला
कमिश्नरेट के थानों में यातायात व्यवस्था और सड़क हादसों से जुड़े मामलों के लिए क्रिटिकल कॉरिडोर टीम बनाई गई है। रामबाग क्षेत्र में तैनात एसआई कुलदीप भी इसी टीम का हिस्सा हैं। शनिवार को ड्यूटी के दौरान उन्होंने रामबाग चौराहे पर जाम की स्थिति देखी। टीम के दो सदस्य मुख्य आरक्षी निरोत्तम और आरक्षी आयुष चौधरी मौके पर नहीं मिले।
ड्यूटी से अनुपस्थित रहने की जानकारी दरोगा ने विभागीय व्हाट्सएप ग्रुप में साझा की। इसके बाद दोनों के खिलाफ थाने में रपट दर्ज कराई गई। आरोप है कि कार्रवाई का पता चलने पर दोनों सिपाही चौकी पहुंचे और दरोगा से जवाब-तलब करने लगे। बातचीत के दौरान मामला बिगड़ गया। दरोगा के साथ कथित अभद्रता और गाली-गलौज की गई। आरोप यह भी है कि दोनों ने हाथापाई की कोशिश की। मौके पर मौजूद अन्य पुलिसकर्मियों ने बीच-बचाव किया।
घटना के बाद दरोगा ने वरिष्ठ अधिकारियों को लिखित शिकायत दी। एसीपी छत्ता श्वेता वर्मा को मामले की जांच सौंपी गई। उनकी रिपोर्ट के आधार पर डीसीपी सिटी ने दोनों सिपाहियों को निलंबित कर दिया।
डीसीपी ने कहा ये
डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने कहा कि जांच में अनुशासनहीनता सामने आने के बाद कार्रवाई की गई है। दोनों के खिलाफ विभागीय जांच भी जारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस विभाग में इस तरह का व्यवहार स्वीकार नहीं किया जाएगा।