लखनऊ: स्वतंत्रता दिवस के मौके पर उत्तर प्रदेश पुलिस के तेज-तर्रार आईपीएस अधिकारी मुनिराज जी को राष्ट्रपति के गैलंट्री अवॉर्ड से सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान उनके पुलिस करियर में साहस, त्वरित कार्रवाई और चुनौतीपूर्ण मामलों में प्रभावी नेतृत्व की मिसाल पेश करने वाली उपलब्धियों को रेखांकित करता है।
कौन हैं आईपीएस मुनिराज जी?
2009 बैच के उत्तर प्रदेश कैडर के आईपीएस मुनिराज जी वर्तमान में डीआईजी मुरादाबाद रेंज के पद पर तैनात हैं। 29 मई 1979 को तमिलनाडु के धर्मपुरी में जन्मे आईपीएस मुनिराज जी ने कृषि विज्ञान में एमएससी की पढ़ाई की है।
मुनिराज जी की उल्लेखनीय पुलिस कार्रवाई में वर्ष 2021 का आगरा का चर्चित डॉक्टर अपहरण कांड भी शामिल है। उस समय वह आगरा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) थे। प्रसिद्ध सर्जन डॉ. उमाकांत गुप्ता के अपहरण से पूरे आगरा में सनसनी फैल गई थी। बदमाशों ने डॉक्टर की रिहाई के बदले पांच करोड़ रुपये की फिरौती मांगी थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्कालीन एसएसपी मुनिराज जी के नेतृत्व में आगरा पुलिस ने तेजी से कार्रवाई शुरू की। पुलिस टीम ने बदमाशों की तलाश में लगातार दबिश और घेराबंदी की। कार्रवाई के दौरान डॉक्टर को सकुशल बरामद करने में पुलिस को सफलता मिली। हाई-प्रोफाइल मामले के सफल खुलासे के बाद पुलिस टीम की कार्यशैली की जमकर सराहना हुई।
जांच के दौरान पुलिस मुख्य साजिशकर्ता और कुख्यात बदमाश बदन सिंह तक पहुंची। पुलिस के मुताबिक, बदन सिंह इस अपहरण कांड का मास्टरमाइंड था। आगरा के जगनेर क्षेत्र के जंगलों में पुलिस की बदमाशों से मुठभेड़ हुई, जिसमें बदन सिंह और उसका एक साथी मारा गया। कार्रवाई के बाद गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों पर भी पुलिस का शिकंजा कसता गया।
इस पूरे ऑपरेशन में पुलिस की त्वरित कार्रवाई और लगातार दबाव ने अपहरणकर्ताओं की कमर तोड़ दी। कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि पुलिस की सख्त घेराबंदी के चलते कुछ आरोपियों ने आत्मसमर्पण भी किया। तत्कालीन डीजीपी की ओर से मामले का खुलासा करने वाली पुलिस टीम के लिए इनाम की घोषणा भी की गई थी।
इस मामले ने दिलाई थी पहचान
15 अगस्त को मिलने वाला राष्ट्रपति का गैलंट्री अवॉर्ड उनके लिए खास उपलब्धि माना जा रहा है। आगरा में डॉक्टर के अपहरण जैसे संवेदनशील मामले में प्रभावी नेतृत्व और अपराधियों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई ने उनके पुलिस करियर को अलग पहचान दिलाई है। स्वतंत्रता दिवस पर मिलने वाला यह सम्मान उनके साहसिक पुलिस कार्य को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान देने वाला महत्वपूर्ण अवसर होगा।