गौतमबुद्ध नगर में कांवड़ यात्रा के दौरान यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने पूरी तैयारी कर ली है। शिवभक्तों की सुरक्षित आवाजाही और शहर में ट्रैफिक व्यवस्था सुचारू रखने के लिए पुलिस ने विशेष प्लान तैयार किया है। जिले से गुजरने वाले कांवड़ मार्गों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है, वहीं भारी वाहनों की आवाजाही को वैकल्पिक रास्तों पर भेजने की व्यवस्था की गई है।
डीसीपी ने दी जानकारी
डीसीपी ट्रैफिक अभय मिश्रा ने बताया कि कांवड़ यात्रा को लेकर दिल्ली, गाजियाबाद और गौतमबुद्ध नगर पुलिस के बीच लगातार तालमेल बनाया गया है। अलग-अलग स्तर पर हुई बैठकों में यात्रा मार्ग, ट्रैफिक डायवर्जन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर रणनीति तैयार की गई है।
उन्होंने बताया कि कांवड़ यात्रा के दौरान ट्रैफिक मैनेजमेंट की जिम्मेदारी संभालने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। ट्रैफिक विभाग के 3 एसीपी, 8 ट्रैफिक इंस्पेक्टर और 325 से ज्यादा पुलिसकर्मी ड्यूटी पर रहेंगे। पुलिसकर्मी प्रमुख चौराहों और कांवड़ मार्गों पर तैनात रहकर यातायात की निगरानी करेंगे।
पुलिस के मुताबिक, जिले के आठ प्रमुख कांवड़ रूट पर विशेष नजर रखी जाएगी। इन रास्तों पर भारी वाहनों को जाने की अनुमति नहीं होगी। बड़े वाहनों को ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के जरिए निकाला जाएगा, जिससे कांवड़ियों की यात्रा प्रभावित न हो और शहर में जाम की स्थिति भी न बने।
सीसीटीवी कैमरा भी लगे हैं
सुरक्षा के लिए आधुनिक निगरानी व्यवस्था भी की गई है। कुछ संवेदनशील स्थानों पर CCTV कैमरों से नजर रखी जाएगी, जबकि जरूरत पड़ने पर ड्रोन के माध्यम से भी पूरे क्षेत्र की निगरानी होगी।
पैदल चलने वाले कांवड़ियों के लिए अलग रूट निर्धारित किए गए हैं। चिल्ला बॉर्डर से ओखला बर्ड सेंचुरी और कालिंदी कुंज होते हुए मार्ग तय किया गया है। वहीं लाल कुआं से दादरी और तिलपता की ओर जाने वाले रास्तों पर भी विशेष व्यवस्था रहेगी।
डीसीपी ट्रैफिक ने बताया कि दिल्ली पुलिस के साथ भी समन्वय किया गया है, खासकर कालिंदी कुंज और मयूर विहार क्षेत्र को लेकर ट्रैफिक प्लान बनाया गया है। किसी भी परेशानी की स्थिति में लोगों की मदद के लिए कंट्रोल रूम और व्हाट्सएप नंबर जारी किए गए हैं।