जंतर-मंतर पर CJP के प्रदर्शन के दौरान सामने आए थप्पड़ विवाद ने अब नया मोड़ ले लिया है। महिला प्रदर्शनकारी को थप्पड़ मारने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद दिल्ली पुलिस ने एडिशनल डीसीपी (उत्तर-पूर्व) संदीप लांबा को प्रदर्शन स्थल की ड्यूटी से हटा दिया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, अधिकारी को उनकी पहले वाली तैनाती वाली जगह वापस भेज दिया गया है।
हालांकि, इस पूरे मामले पर दिल्ली पुलिस की तरफ से अभी तक कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया गया है। लेकिन वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठने लगे थे और मामला दिल्ली हाईकोर्ट तक पहुंच गया।
वायरल हुआ था वीडियो
बुधवार को हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल शंकरनारायणन ने इस घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि सामने आए वीडियो में पुलिस अधिकारी एक महिला प्रदर्शनकारी के साथ मारपीट करते नजर आ रहे हैं। उन्होंने अदालत से इस मामले में जवाबदेही तय करने की मांग की। कोर्ट ने दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा है और घटना से जुड़े सभी वीडियो, सीसीटीवी फुटेज और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं।
दरअसल, 20 जुलाई को CJP की ओर से संसद मार्च का आयोजन किया गया था। प्रदर्शनकारियों को रोकने के दौरान पुलिस और भीड़ के बीच तनाव बढ़ गया था। हालात को संभालने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग किया, जिसमें लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया। इसके बाद पुलिस की कार्रवाई को लेकर कई सवाल उठे और अदालत में याचिकाएं भी दाखिल की गईं।
केस हुआ दर्ज
इसी प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा बलों पर हमले का एक और मामला सामने आया है। दिल्ली पुलिस के अनुसार, टॉलस्टॉय मार्ग और संसद मार्ग के पास भीड़ ने RAF के दो जवानों के साथ मारपीट की। घटना के वीडियो में एक जवान सड़क पर गिरा दिखाई देता है, जबकि कुछ लोग उसके साथ मारपीट करते नजर आ रहे हैं। पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।