कमिश्नरेट पुलिस में लापरवाही पर सख्ती दिखाते हुए पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह ने बड़ा कदम उठाया है। हंगामे की सूचना समय पर उच्च अधिकारियों तक न पहुंचाने के मामले में फेज-2 थाना प्रभारी अवधेश प्रताप सिंह और एलआईयू आरक्षी प्रतीक कुमार को निलंबित कर दिया गया है। इस कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
ये है मामला
सेक्टर-108 स्थित पुलिस कार्यालय में बृहस्पतिवार रात आयोजित क्राइम मीटिंग के दौरान पुलिस आयुक्त ने स्पष्ट संदेश दिया कि किसी भी तरह की सूचना को छिपाना या देर से साझा करना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि छोटी या बड़ी हर सूचना को तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में लाया जाए और उनके निर्देशों के अनुसार ही कार्रवाई की जाए।
जांच में सामने आया कि फेज-2 क्षेत्र में कर्मियों के धरना-प्रदर्शन से जुड़ी जानकारी समय रहते अधिकारियों तक नहीं पहुंचाई गई। इतना ही नहीं, विरोध के संकेत मिलने के बावजूद संबंधित अधिकारियों ने मामले में अपेक्षित सक्रियता नहीं दिखाई और ढिलाई बरती। इसी को गंभीर लापरवाही मानते हुए दोनों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई।
थाना प्रभारियों को मिली चेतावनी
क्राइम मीटिंग में पुलिस आयुक्त ने अन्य थाना प्रभारियों की कार्यशैली की भी समीक्षा की और कई को सख्त चेतावनी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने में किसी भी प्रकार की लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इसके अलावा शहर में बढ़ रही चोरी की घटनाओं पर भी चिंता जताई गई। विशेष रूप से कारों के शीशे तोड़कर चोरी और ट्रांसफार्मरों से तेल चोरी करने वाले गिरोहों पर अंकुश लगाने के निर्देश दिए गए। पुलिस आयुक्त ने तीनों जोन के अधिकारियों को ऐसे अपराधों में शामिल गिरोहों के खिलाफ अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।