मेरठ के लोहिया नगर थाने में तैनात 2023 बैच के दो दारोगाओं की करतूत ने पुलिस विभाग की छवि को धक्का दिया है। जानकारी के मुताबिक, इन दोनों दारोगाओं ने एक कथित मुखबिर के साथ मिलकर लिसाड़ी गेट के मुस्लिम कारोबारी रसिक को अगवा किया और उसे एनकाउंटर का डर दिखाकर 20 लाख रुपये वसूल लिए।
ये है मामला
पीड़ित ने बताया कि घटना कुछ दिन पहले हुई थी, जब उसे अपनी जमीन की बड़ी रकम मिलने की जानकारी मिली। मुखबिर ने लालच में आकर दारोगाओं के साथ मिलकर वसूली का जाल बुना। दारोगाओं ने कारोबारी को धमकी दी कि अगर पैसे नहीं दिए तो उन्हें सोना तस्करी के मामले में जेल भेज दिया जाएगा। डर के मारे रसिक ने तुरंत 20 लाख रुपये दे दिए। इसके बाद जब दोनों ने दोबारा 10 लाख रुपये की मांग की, तो पीड़ित ने एसएसपी और एसपी सिटी से शिकायत की।
पुलिस ने मामले की गोपनीय जांच शुरू की। इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और मोबाइल लोकेशन के आधार पर पाया गया कि वसूली के दौरान आरोपी दारोगा और मुखबिर एक ही जगह थे। CCTV फुटेज में भी दारोगाओं को कारोबारी को बंधक बनाकर घुमाते हुए देखा गया।
एसएसपी ने कहा ये
एसएसपी मेरठ अविनाश पांडे ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि दोनों उप-निरीक्षक सस्पेंड कर दिए गए हैं, जबकि थाना प्रभारी की भूमिका की भी जांच जारी है। फिलहाल दोनों दारोगा फरार हैं और पुलिस उन्हें पकड़ने के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।