उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों द्वारा केंद्र सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) को सौंपे गए इमूवेबल प्रॉपर्टी रिटर्न (IPR-2026) में उनकी अचल संपत्तियों और उनकी सरकारी वैल्यू का ब्यौरा दिया गया है। इन ब्योरे से पता चलता है कि संपत्तियों की कीमतों में पिछले साल की तुलना में कुछ बदलाव हुए हैं, जो अलग-अलग कारणों से हो सकते हैं।
बस्ती के डीआईजी सबसे अमीर
बस्ती रेंज के डीआईजी संजीव त्यागी इस सूची में सबसे अमीर अधिकारियों में शामिल हैं। उनके पास कुल पांच अचल संपत्तियां हैं, जिनकी सरकारी वैल्यू लगभग 30 करोड़ रुपये दर्ज है। उनकी गाजियाबाद की जमीन, जिसे 2010 में 40 लाख रुपये में खरीदा गया था, 2025 में 10 करोड़ रुपये की वैल्यू में दिखाई गई थी, जबकि 2026 में इसे 3.20 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। इसके अलावा, मोदीनगर में उनकी एक अन्य जमीन की कीमत 50 लाख से घटकर 26 लाख रुपये दिखाई गई।
संभल के एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने 2026 के ब्योरे में राजस्थान में एक मकान दर्ज किया, जिसकी कीमत 3.40 करोड़ रुपये थी और एक साल में यह बढ़कर 4 करोड़ रुपये हो गई। यह मकान उनके भाई और बहन के साथ साझा है और इससे उन्हें सालाना 4.80 लाख रुपये का किराया भी मिलता है।
देवरिया के एसपी संजीव सुमन ने जून 2025 में लखनऊ में 20 लाख रुपये की जमीन खरीदी थी। छह महीने में इसकी सरकारी वैल्यू बढ़कर 30 लाख रुपये दर्ज की गई।
झांसी रेंज के आईजी आकाश कुल्हरि ने लखनऊ के मोहनलालगंज इलाके में 240 वर्गमीटर की जमीन 15 लाख रुपये में खरीदी है। इसके अलावा जयपुर में उनके भाई के साथ एक साझा मकान भी है।
कन्नौज के एसपी विनोद कुमार के पास पिछले साल 9 संपत्तियां थीं, जिनकी कुल वैल्यू 4.07 करोड़ रुपये थी। 2026 में उन्होंने केवल 5 संपत्तियां दिखाई, जिनकी कुल वैल्यू 2.35 करोड़ रुपये है।
आईजी यूपी 112 के. एजिलारेसन की संपत्ति की संख्या में वे सबसे आगे हैं, उनके नाम कुल 14 अचल संपत्तियां दर्ज हैं। लखनऊ जोन के एडीजी प्रवीण कुमार के पास कोई अचल संपत्ति नहीं है। नोएडा की पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के पास लखनऊ और एनसीआर क्षेत्र में आवासीय संपत्तियां हैं, जिनमें उनके पति और भाजपा विधायक राजेश्वर सिंह के साथ साझा संपत्ति भी शामिल है।
एसटीएफ के एडीजी पर भी हैं काफी संपत्ति
एसटीएफ के एडीजी अमिताभ यश के पास बिहार के भोजपुर और पटना समेत उत्तर प्रदेश में कई करोड़ रुपये की अचल संपत्तियां दर्ज हैं। कुल मिलाकर, IPR-2026 से यह स्पष्ट होता है कि संजीव त्यागी यूपी के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों में सबसे अमीर हैं। वहीं अन्य वरिष्ठ अफसरों की संपत्तियों में भी समय-समय पर बदलाव देखने को मिलता है, जो सरकारी मूल्यांकन और पारदर्शिता की प्रक्रिया का हिस्सा हैं।