वाराणसी में शादी-ब्याह के सीजन से पहले पुलिस प्रशासन ने शहर की व्यवस्था दुरुस्त रखने के लिए कमर कस ली है। बढ़ते ट्रैफिक जाम, देर रात तक बजने वाले डीजे और सड़कों पर अव्यवस्थित पार्किंग से आम लोगों को हो रही परेशानी को देखते हुए पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। साफ संदेश दिया गया है कि शादी का उत्सव खुशी का कारण बने, परेशानी का नहीं।
पुलिस कमिश्नर ने दिए निर्देश
पुलिस कमिश्नर की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में ट्रैफिक पुलिस और स्थानीय थाना प्रभारियों को निर्देश दिए गए कि बारात, मैरिज लॉन, बैंक्वेट हॉल और डीजे संचालक तय नियमों का सख्ती से पालन कराएं। नियम तोड़ने वालों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम और ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
नए निर्देशों के अनुसार, बारात सड़क के केवल एक-तिहाई हिस्से में ही निकाली जा सकेगी, जबकि शेष मार्ग आम यातायात के लिए खुला रखना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही बारात के रूट की पूर्व अनुमति लेना भी जरूरी होगा, ताकि एंबुलेंस और जरूरी सेवाओं को जाम में न फंसना पड़े।
डीजे संचालन को लेकर भी सख्ती बढ़ा दी गई है। तय मानकों से अधिक आवाज़ और रात 10 बजे के बाद तेज़ संगीत बजाने पर सीधे कार्रवाई होगी। पुलिस का कहना है कि देर रात तक होने वाला शोर बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों के लिए गंभीर परेशानी बनता है।
मैरिज लॉन और बैंक्वेट हॉल संचालकों को पार्किंग की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है। सड़क पर वाहन खड़े पाए जाने पर आयोजक और स्थल मालिक दोनों को जिम्मेदार माना जाएगा।
होगी सख्त कार्रवाई
पुलिस ने साफ किया है कि प्रवर्तन टीमें औचक निरीक्षण करेंगी और बार-बार उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना, डीजे उपकरण की जब्ती और अनुमति रद्द करने जैसी सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का मानना है कि इन नियमों से शादी का माहौल भी सुरक्षित रहेगा और शहर की व्यवस्था भी संतुलित बनी रहेगी।