उत्तर प्रदेश सरकार ने बुधवार को बड़े स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 24 वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों का तबादला किया। इस लिस्ट में खास ध्यान अनुकृति शर्मा पर गया, जिन्हें गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट में तैनात किया गया है। अनुकृति शर्मा अपनी तेजतर्रार और प्रभावशाली कार्यशैली के लिए जानी जाती हैं। उन्हें पहले भी ‘खुलासों का अफसर’ का खिताब मिल चुका है। लखनऊ, बुलंदशहर और संभल में अपने सक्रिय और नीतिगत कदमों से उन्होंने इस खिताब को सिद्ध किया है।
कौन हैं अनुकृति शर्मा
अनुकृति शर्मा 2020 बैच की आईपीएस अधिकारी हैं और मूल रूप से राजस्थान के जयपुर की रहने वाली हैं। अमेरिका में नासा में काम कर चुकी अनुकृति ने अपने अनुभव और शिक्षा को पुलिसिंग में नए दृष्टिकोण देने के लिए इस्तेमाल किया। उन्होंने यूपीएससी की तैयारी छोड़ अमेरिका की रिसर्च नौकरी छोड़कर भारत में कदम रखा और 2020 में आईपीएस बनीं।
बुलंदशहर और संभल में रहते हुए उन्होंने अपराध नियंत्रण के साथ कम्युनिटी पुलिसिंग पर भी जोर दिया। संभल में उनके प्रयासों के तहत 15 पुलिस थानों में मदर एंड चाइल्ड केयर रूम बनाए गए, गरीब और बेसहारा महिलाओं के लिए स्कूटर उपलब्ध कराए गए और दीपावली जैसी पहल की गई।
डीजीपी कर चुके हैं सम्मानित
संभल में रहते हुए अनुकृति ने 100 करोड़ रुपये के बीमा घोटाले का पर्दाफाश किया और इसमें 70 से अधिक गिरफ्तारियां की गईं। उनके इन प्रयासों के लिए 15 अगस्त 2025 को उन्हें डीजी प्रशंसा चिह्न सिल्वर मेडल से सम्मानित किया गया।
अब अनुकृति शर्मा की जिम्मेदारी नोएडा और गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट में सौंपे जाने से पुलिसिंग में नए बदलाव और सुधार की उम्मीद है। उनके अनुभव और सक्रिय दृष्टिकोण के चलते अधिकारियों और नागरिकों दोनों की नजरें अब उनके अगले कदमों पर हैं।