वाराणसी में एक लाख रुपये के इनामी सुपारी किलर बनारसी यादव को एसटीएफ ने गोली मारकर ढेर कर दिया। बनारसी यादव पिछले कई महीनों से पुलिस की पकड़ से दूर था। वह थाना सारनाथ क्षेत्र में कालोनाइजर महेंद्र गौतम की हत्या का मुख्य आरोपी था। बनारसी यादव पूर्वांचल का कुख्यात अपराधी माना जाता था और उस पर हत्या, अपहरण, लूट और अन्य गंभीर अपराधों के करीब 21 मुकदमे दर्ज थे। उसका नाम गैंग नंबर आठ के सरगना के रूप में भी पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज था।
ऐसे हुआ ढेर
एसटीएफ को सूचना मिली कि दो बदमाश किसी घटना को अंजाम देने के लिए बाइक से रिंग रोड की ओर जा रहे हैं। चौबेपुर थाना क्षेत्र के बारियासनपुर रिंग रोड पर घेराबंदी करते हुए एसटीएफ ने उन्हें रोकने की कोशिश की। इस दौरान बाइक पर सवार एक बदमाश ने गोली चला दी। जवाबी कार्रवाई में एसटीएफ की गोली बनारसी यादव को लगी और वह गिर पड़ा, जबकि उसका साथी बाइक लेकर भागने में सफल रहा। घायल बनारसी यादव को तुरंत पं. दीनदयाल उपाध्याय राजकीय अस्पताल ले जाया गया।
बनारसी यादव की गिरफ्तारी पिछले पांच महीने से पुलिस की प्राथमिकता थी। वह न केवल कालोनाइजर महेंद्र गौतम की हत्या में वांछित था, बल्कि अपने अन्य अपराधों के लिए भी कुख्यात था। बनारसी के पास से दो पिस्टल और बड़ी मात्रा में कारतूस बरामद किए गए। पुलिस ने भागे साथी की तलाश के लिए जिले भर में अलर्ट जारी किया।
दो साथी अभी भी फरार
बनारसी का साथी, एक लाख रुपये का इनामी गाजीपुर के महाराजगंज निवासी अरविंद यादव, एक महीने पहले मुठभेड़ में पकड़ा जा चुका था। कालोनाइजर हत्या मामले में अब भी विशाल और चंदन नाम के 25-25 हजार के इनामी फरार हैं। बनारसी यादव की मौत से एसटीएफ और पुलिस बल को क्षेत्र में सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने में बड़ी सफलता मिली है।