प्रयागराज माघ मेला 2026 के दौरान शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को मौनी अमावस्या स्नान पर्व पर पालकी के साथ संगम नोज तक जाने से रोके जाने का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। इस घटना के बाद शंकराचार्य और उनके अनुयायियों की पुलिस से धक्का-मुक्की हुई, जिसमें कई साधु-संतों के घायल होने के आरोप लगे। पूरे घटनाक्रम के लिए शंकराचार्य ने सीधे तौर पर प्रयागराज पुलिस कमिश्नर जोगिंदर कुमार को जिम्मेदार ठहराया है।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने लगाए ये आरोप
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का आरोप है कि पुलिस कमिश्नर ने उनसे अभद्र भाषा में बात की और दबाव बनाने की कोशिश की। उनके इस बयान के बाद मामला सिर्फ प्रशासनिक कार्रवाई तक सीमित न रहकर सियासी रंग भी ले चुका है।
समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शंकराचार्य से फोन पर बात की, जबकि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय प्रयागराज पहुंचकर उनसे मिले। विपक्ष ने इसे धार्मिक भावनाओं से जुड़ा मामला बताते हुए सरकार और पुलिस प्रशासन पर सवाल खड़े किए हैं।
कौन हैं जोगिंदर कुमार
इस विवाद के केंद्र में आए जोगिंदर कुमार 2007 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। उन्हें सख्त, अनुशासनप्रिय और प्रोफेशनल अफसर के तौर पर जाना जाता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के भरोसेमंद अधिकारियों में उनकी गिनती होती है। आईजी कानपुर के तौर पर अपने कार्यकाल में उन्होंने अपराध और माफिया के खिलाफ कड़े फैसले लेकर सुर्खियां बटोरी थीं।
राजस्थान के बाड़मेर के रहने वाले जोगिंदर कुमार का जन्म 5 अप्रैल 1978 को हुआ। उन्होंने राजनीतिशास्त्र में स्नातकोत्तर तक शिक्षा प्राप्त की है। आईपीएस बनने के बाद उन्हें उत्तर प्रदेश कैडर मिला। 11 मई 2025 को कमिश्नर स्तर पर प्रमोशन के बाद उन्हें प्रयागराज पुलिस कमिश्नर नियुक्त किया गया। इससे पहले वे 2016 में प्रयागराज के एसएसपी भी रह चुके हैं।