कुछ समय पहले ही यूपी पुलिस ने ड्यूटी पर तैनाती के दौरान सोशल मीडिया के इस्तेमाल को लेकर सख्त पॉलिसी लागू की थी। इस पॉलिसी के अनुसार कोई भी पुलिसकर्मी ड्यूटी के दौरान रील नहीं बनाएगा और न ही किसी तरह की पोस्ट सोशल मीडिया पर साझा करेगा। वर्दी या सरकारी कार्य के समय फोटो, वीडियो या किसी भी प्रकार का कंटेंट शेयर करना पूरी तरह से प्रतिबंधित है। साथ ही विभाग से जुड़ी गोपनीय जानकारी साझा करना भी निषेध है।
दी जा रही ट्रेनिंग
इस पॉलिसी के पालन को सुनिश्चित करने के लिए रिक्रूट आरक्षियों और नए प्रशिक्षुओं को विशेष ट्रेनिंग दी जा रही है। पुलिस लाइन और प्रशिक्षण केंद्रों में ये पुलिसकर्मी सोशल मीडिया पॉलिसी के नियमों, उनकी आवश्यकता और उल्लंघन की संभावित कार्रवाई के बारे में विस्तार से बताया जा रहा है। ट्रेनिंग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ड्यूटी में आने से पहले ही सभी पुलिसकर्मी सोशल मीडिया से जुड़ी जिम्मेदारियों और प्रतिबंधों को पूरी तरह समझ जाएं।
प्रशिक्षण के दौरान आरक्षियों को यह भी सिखाया जा रहा है कि सोशल मीडिया का उपयोग केवल ड्यूटी संबंधी और प्रशासनिक कार्यों के लिए कैसे किया जा सकता है। उदाहरण के लिए, सूचना एकत्र करना, निगरानी करना और जनसंपर्क से जुड़े कार्य करने के लिए प्लेटफॉर्म का जिम्मेदार उपयोग किया जा सकता है।
नहीं बर्दाश्त होगा उल्लंघन
पुलिस विभाग का मानना है कि इस तरह की ट्रेनिंग से पुलिसकर्मी सोशल मीडिया के दुरुपयोग से बचेंगे और विभाग की गरिमा और गोपनीयता सुरक्षित रहेगी। विभाग ने साफ किया है कि नियमों का उल्लंघन किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और सभी प्रशिक्षुओं को इसकी पूरी जानकारी दी जा रही है।