बहराइच: अपहृत लड़की के मामले में रिश्वत लेने के आरोप में 3 पुलिसकर्मी निलंबित

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उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में पुलिस विभाग की छवि को धक्का पहुंचाने वाला एक मामला सामने आया है। कोलकाता से अपहृत एक युवती के मामले में आरोपी को रिहा करने के बदले एक लाख रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में थाना प्रभारी समेत तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। मामले की शिकायत के बाद उच्च अधिकारियों के निर्देश पर गोपनीय जांच कराई गई, जिसमें आरोप सही पाए गए।

ये है मामला 

यह मामला मटेरा थाना क्षेत्र से जुड़ा है। जानकारी के अनुसार, गजेंद्र सिंह नामक व्यक्ति पर कोलकाता से एक लड़की का अपहरण कर उसे बहराइच लाने का आरोप है। अपहृत युवती को धनौली गौरा गांव में गजेंद्र के बहनोई मुनीजर सिंह के घर में रखा गया था। पीड़िता के परिवार ने पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के एक थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 137(2) के तहत अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया था।

11 जनवरी को पश्चिम बंगाल पुलिस की टीम बहराइच पहुंची और स्थानीय मटेरा पुलिस के सहयोग से लड़की को बरामद किया गया। इसके बाद आरोपी गजेंद्र सिंह, मुनीजर सिंह और पीड़िता को मटेरा थाने लाया गया। यहीं से रिश्वत का कथित खेल शुरू हुआ। आरोप है कि पुलिस हिरासत से रिहा करने के बदले मुनीजर सिंह से एक लाख रुपये की मांग की गई।

इस संबंध में मुनीजर सिंह ने देवीपाटन मंडल के पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय की भ्रष्टाचार निरोधक प्रकोष्ठ हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत पर संज्ञान लेते हुए आईजी अमित पाठक ने मामले की गोपनीय जांच के आदेश दिए। जांच में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए।

ये हुए सस्पेंड

इसके बाद मटेरा थाना प्रभारी सुरेंद्र कुमार बौद्ध, उप निरीक्षक विशाल जायसवाल और कांस्टेबल अवधेश यादव को निलंबित कर दिया गया। तीनों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, रिश्वत की राशि शिकायतकर्ता को वापस कर दी गई है। यह कार्रवाई पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश मानी जा रही है।

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