प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों को लेकर चलाए जा रहे मिशन शक्ति अभियान की सच्चाई उस समय कटघरे में आ गई, जब इसी अभियान से जुड़ी एक महिला आरक्षी खुद उत्पीड़न का शिकार हो गई। विडंबना यह है कि उत्पीड़न करने वाला कोई आम व्यक्ति नहीं, बल्कि खुद पुलिस विभाग का सिपाही निकला।
ये है मामला
कौशांबी जिले के एक थाने में मिशन शक्ति टीम में तैनात महिला सिपाही को पुलिस लाइन में तैनात सिपाही बृजेश कुमार लगातार फोन और मैसेज के जरिए परेशान कर रहा था। अश्लील शब्दों, आपत्तिजनक संदेशों और जबरन वीडियो कॉल के दबाव ने महिला आरक्षी को मानसिक रूप से भयभीत कर दिया।
पीड़िता के अनुसार, जब उसने आरोपी को रोकने का प्रयास किया तो उसने गाली-गलौज शुरू कर दी। पहले भी आरोपी ने ऐसी हरकत की थी और माफी मांगकर दोबारा ऐसा न करने का भरोसा दिया था, लेकिन 31 दिसंबर की रात उसने फिर अश्लील मैसेज भेजे और वीडियो कॉल कर दबाव बनाया।
आरोपी सिपाही ने महिला आरक्षी को खुलेआम धमकी दी कि पूरे कौशांबी में कहीं न कहीं मिलोगी, तब देख लूंगा और छेड़छाड़ करूंगा। इस धमकी ने महिला सिपाही की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। पीड़िता ने आशंका जताई कि यदि भविष्य में उसके साथ कोई अनहोनी होती है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी आरोपी पर होगी।
महिला आरक्षी ने बताया कि वह शादीशुदा है और आरोपी की हरकतों से उसका वैवाहिक जीवन भी प्रभावित हो रहा है। ड्यूटी पर आने-जाने में उसे डर लगने लगा है। बताया जा रहा है कि 31 दिसंबर को जब उसका पति उससे मिलने आया था, उसी दौरान आरोपी ने अश्लील संदेश भेज दिया, जिससे मामला और गंभीर हो गया।
पुलिस विभाग में ही महिला सुरक्षित नहीं?
मामले के संज्ञान में आने के बाद एसपी राजेश कुमार ने आरोपी सिपाही को निलंबित कर दिया और पिपरी कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया है। सीओ चायल अभिषेक सिंह के अनुसार, मोबाइल में आपत्तिजनक मैसेज मिलने के बाद कार्रवाई की गई है और विभागीय जांच जारी है।