संतकबीरनगर जिले से सामने आए एक मामले ने एक बार फिर महिला सुरक्षा और महिलाओं के साथ होने वाले विश्वासघात पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां एक महिला कॉन्स्टेबल ने अपने ही विभाग के सिपाही पर शादी का झांसा देकर शोषण करने और बाद में दूसरी युवती से विवाह करने का आरोप लगाया है। पीड़िता की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पीड़िता का कहना है कि जब वह बखिरा थाने में तैनात थी, उसी दौरान उसकी पहचान गाजीपुर जिले के रहने वाले सिपाही आशु यादव से हुई, जो उस समय उसी थाने में तैनात था। बातचीत के दौरान आशु ने उससे शादी की इच्छा जताई। महिला कॉन्स्टेबल ने अपनी अनुसूचित जाति से होने की बात स्पष्ट की, लेकिन आरोपी ने जाति को लेकर कोई आपत्ति न होने की बात कहकर भरोसा दिलाया। इसके बाद दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ती चली गईं।
ये है मामला
महिला का आरोप है कि वर्ष 2022 में आरोपी ने शादी का वादा करते हुए उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। उसने दावा किया कि दोनों ने निजी तौर पर विवाह भी किया था, जिसके फोटो उसके पास मौजूद हैं। आशु उसे अलग-अलग जगहों पर ले जाता था और अक्सर उसके कमरे पर भी आता-जाता रहा। जब महिला का तबादला खलीलाबाद हुआ, तब भी आरोपी उससे मिलने पहुंचता रहा।
पीड़िता के मुताबिक, वह लगातार आशु से अपने परिवार को रिश्ते की जानकारी देने और विवाह की तारीख तय करने की बात कहती रही, लेकिन वह टालमटोल करता रहा। कुछ महीने पहले जब महिला ने अपने पिता को इस रिश्ते के बारे में बताया, तो दोनों के बीच विवाद बढ़ गया।
इसके बाद आरोपी ने बातचीत लगभग बंद कर दी और पारिवारिक कारणों का बहाना बनाकर दूरी बना ली। कुछ ही समय बाद यह सामने आया कि आरोपी ने गांव जाकर दूसरी युवती से शादी कर ली है।
इस घटना ने यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि जब वर्दी में तैनात महिलाएं ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम महिलाओं की स्थिति क्या होगी। महिला सिपाही के साथ हुआ यह मामला न सिर्फ व्यक्तिगत धोखे का है, बल्कि यह विभागीय और सामाजिक स्तर पर महिला सुरक्षा की पोल भी खोलता है।
SO ने दी जानकारी
कोतवाली प्रभारी पंकज कुमार पांडेय ने बताया कि महिला कॉन्स्टेबल की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है और सभी तथ्यों की गंभीरता से जांच की जा रही है। जांच के बाद आरोपी के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।