पुलिस मंथन के पहले दिन सीएम पहुंचे, थाना प्रबंधन और सुरक्षा मुद्दों पर व्यापक चर्चा

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लखनऊ। पुलिस मुख्यालय में आयोजित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी सम्मेलन पुलिस मंथन के पहले दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिरकत की और प्रदेश में आधुनिक, डेटा-आधारित तथा जवाबदेह पुलिसिंग को और मजबूत करने पर जोर दिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बीट पुलिसिंग को नई दिशा देने वाले ‘यक्ष ऐप’ का लोकार्पण किया।

कई सत्र का हुआ आरंभ

सम्मेलन के सत्र–01 (बीट पुलिसिंग) में एडीजी क्राइम एसके भगत के नेतृत्व में बीट स्तर पर आने वाली कार्य-समस्याओं, व्यावहारिक समाधान और बेस्ट प्रैक्टिसेज पर प्रस्तुतीकरण हुआ। इसके बाद मुख्यमंत्री द्वारा लोकार्पित यक्ष ऐप को डिजिटल बीट-बुक के रूप में प्रस्तुत किया गया, जो बीट कर्मियों के दैनिक कार्यों को सरल, सुव्यवस्थित और अधिक प्रभावी बनाएगा।

बीट पुलिसिंग सत्र के दौरान बताया गया कि यक्ष ऐप एक ही प्लेटफॉर्म पर थानावार अपराधी डेटाबेस, नियमित सत्यापन, बीट-स्तर जवाबदेही, रियल-टाइम अलर्ट, एआई फेस रिकग्निशन, वॉइस सर्च, CrimeGPT, गैंग एनालिसिस, जोखिम-आधारित स्कोरिंग, फील्ड से डेटा अपलोड तथा जुआ-सट्टा, अवैध शराब और तस्करी जैसी गतिविधियों की त्वरित रिपोर्टिंग की सुविधा देगा। इसे अपराध-रोकथाम, निगरानी और त्वरित अनावरण में अहम बताया गया।

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सत्र–02 में महिला व बाल सुरक्षा एवं मानव तस्करी पर फोकस रहा। एडीजी महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन पद्मजा चौहान के नेतृत्व में प्रदेश की उपलब्धियों, चुनौतियों और भावी कार्ययोजना पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया गया। इसमें नवस्थापित मिशन शक्ति केंद्र, समुदाय-स्तरीय जागरूकता, लैंगिक अपराध पीड़ित बालिकाओं की देखभाल व संरक्षण, फैमिली डिस्प्यूट रेजोल्यूशन क्लिनिक (FDRC) और बलात्कार मामलों में प्रभावी कानून प्रवर्तन जैसे विषय शामिल रहे। इसी सत्र में एडीजी गोरखपुर जोन मुथा अशोक जैन ने ‘बहू-बेटी सम्मेलन’ पर प्रस्तुतीकरण दिया।

सत्र–03 में मुख्यमंत्री ने कहा कि थाना प्रबंधन पुलिस व्यवस्था की “बैकबोन” है और इसे मजबूत करने के लिए आपसी समन्वय अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने ‘स्मार्ट SHO डैशबोर्ड’ जैसी तकनीकों को थानों की कार्यप्रणाली को पारदर्शी, जवाबदेह और परिणामोन्मुख बनाने वाला बताया। साथ ही पुलिस इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर देते हुए कहा कि ग्रामीण से शहरी क्षेत्रों तक थानों को आधुनिक, सुव्यवस्थित और कॉरपोरेट लुक में विकसित किया जाना चाहिए।

सत्र 4 में दी गई ये जानकारी

सत्र–04 (साइबर क्राइम) में डीजी साइबर क्राइम बिनोद कुमार सिंह के नेतृत्व में बढ़ते साइबर अपराधों के कारणों, अपराधियों की कार्यप्रणाली और उनसे निपटने के लिए साइबर थानों व साइबर हेल्प डेस्क की भूमिका पर चर्चा हुई। I4C के सहयोग से क्षमता निर्माण, टूल्स और ट्रेनिंग आधारित कार्यवाही को और सुदृढ़ करने की रणनीति भी साझा की गई।

कुल मिलाकर पुलिस मंथन के पहले दिन मुख्यमंत्री की मौजूदगी में तकनीक, जवाबदेही और समन्वय आधारित पुलिसिंग को लेकर स्पष्ट दिशा और मजबूत संदेश दिया गया।

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