उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में एंटी करप्शन ब्यूरो ने बड़ी कार्रवाई करते हुए थाना मुरादनगर में तैनात महिला उपनिरीक्षक प्रिया सिंह को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी महिला दरोगा पर दहेज उत्पीड़न और घरेलू हिंसा से जुड़े एक मामले में पीड़ित परिवार से अवैध रूप से रुपये मांगने का आरोप है। कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
ये है मामला
पीड़ित रजनीश त्यागी के अनुसार, उनकी पत्नी ने उनके खिलाफ डोमेस्टिक वायलेंस और दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कराया था, जिसकी विवेचना महिला उपनिरीक्षक प्रिया सिंह कर रही थीं। आरोप है कि विवेचना के दौरान प्रिया सिंह ने मुकदमे में धारा 498ए सहित अन्य गंभीर धाराएं बढ़ाने और उनके माता-पिता, मामा के लड़के व भतीजे के नाम केस से हटाने के एवज में दो लाख रुपये की मांग की। लगातार दबाव और धमकियों के बीच बाद में सौदा 50 हजार रुपये में तय हुआ।
रजनीश त्यागी ने बताया कि इस केस में उनके परिवार के पांच लोगों के नाम दर्ज थे, जिनमें से सिर्फ उन्हें जेल जाना पड़ा था, जबकि अन्य परिजनों को जमानत मिल गई थी। जमानत पर बाहर आने के बाद भी महिला उपनिरीक्षक लगातार पैसे देने का दबाव बना रही थीं और कहा जा रहा था कि रकम नहीं दी तो और धाराएं जोड़ दी जाएंगी, जिससे आगे जमानत मिलना मुश्किल हो जाएगा।
पीड़ित ने पूरे मामले की शिकायत एंटी करप्शन ब्यूरो से की। शिकायत के सत्यापन के बाद टीम ने जाल बिछाया। तय योजना के तहत रजनीश त्यागी ने महिला उपनिरीक्षक को 10 हजार रुपये की पहली किस्त दी, तभी एंटी करप्शन टीम ने मौके पर पहुंचकर प्रिया सिंह को रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया।
केस हुआ दर्ज
एंटी करप्शन ब्यूरो ने आरोपी महिला उपनिरीक्षक के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहन जांच की जा रही है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस प्रकरण में कोई अन्य पुलिसकर्मी तो शामिल नहीं था। कार्रवाई के बाद यह मामला जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है।