अमन यादव की हत्या के मामले ने सुल्तानपुर में कानून व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। बढ़ते दबाव और मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने चांदा थाने की कमान संभाल रहे दीपेंद्र विक्रम सिंह को उनके पद से हटा दिया है। उनके साथ उपनिरीक्षक चुन्नूलाल समेत कुल पांच पुलिसकर्मी भी निलंबन की जद में आए हैं। यह कदम जांच में चूक और लापरवाही के आरोपों के बाद उठाया गया है।
घंटों डटे रहे पुलिसकर्मी
इधर, पीड़ित परिवार गहरे आक्रोश में है। शव घर पहुंचने के बावजूद परिजनों ने अंतिम संस्कार से साफ इनकार कर दिया। उनका कहना है कि जब तक घटना की सच्चाई सामने नहीं आ जाती और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित नहीं होती, वे कोई समझौता नहीं करेंगे। परिवार की मांग है कि प्रशासन लिखित आश्वासन दे और सरकार की ओर से आर्थिक मदद की घोषणा की जाए।
तनावपूर्ण हालात को संभालने के लिए राजस्व और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर डटे रहे। घंटों चली बातचीत के बावजूद परिजन अपनी मांगों पर कायम रहे, जिससे गांव में भारी भीड़ जमा हो गई।
आरोपियों की तलाश में हुई मुठभेड़
इस बीच पुलिस की कार्रवाई में भी तेजी आई है। फरार आरोपियों की तलाश के दौरान तड़के मुठभेड़ हुई, जिसमें एक आरोपी को गोली लगने के बाद गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि उसका साथी भाग निकला। पुलिस का दावा है कि शेष आरोपियों तक पहुंचने के लिए टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
अमन यादव, जो चांदा थाना क्षेत्र के साढ़ापुर गांव का रहने वाला था, बीते शनिवार अगवा किया गया था। अगले दिन उसका शव नदी से बरामद हुआ, जिसके बाद जिले में हड़कंप मच गया।