गोरखपुर मण्डल में पशु तस्करों द्वारा नीट की तैयारी कर रहे छात्र की हत्या के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। पशु तस्करी पर लगाम लगाने में लापरवाही बरतने के आरोप में कुशीनगर के एसपी संतोष मिश्रा को पुलिस मुख्यालय संबद्ध कर दिया गया है, जबकि जिले के 25 पुलिसकर्मियों को वायरलेस संदेश के जरिए तत्काल लाइन हाजिर करने का आदेश जारी किया गया। यह कार्रवाई गोरखपुर जोन के एडीजी अशोक मुथा जैन द्वारा कुशीनगर दौरे के बाद की गई।
लिस्ट में ये नाम
सूत्रों के अनुसार, एसटीएफ को बिहार के एक गिरफ्तार पशु तस्कर के पास से ऐसी डायरी मिली है, जिसमें कुशीनगर पुलिस के कई नाम दर्ज हैं। इसी आधार पर यह सख्त कदम उठाया गया।
कार्रवाई की जद में सबसे पहले हाटा थाने के एसएसआई मंगेश मिश्रा, हेड कांस्टेबल सतीश चंद, कांस्टेबल सुधीर कुमार यादव, डब्ल्यू कुमार, बृजेश यादव और अजय तिवारी आए। इसके बाद कसया थाना प्रभारी इंस्पेक्टर अमित कुमार शर्मा, हेड कांस्टेबल राजेश कुमार सिंह, कुशीनगर चौकी प्रभारी गौरव शुक्ला और कांस्टेबल राहुल पाण्डेय को भी लाइन में भेजा गया।
तरयासुजान थाना क्षेत्र के बहादुरपुर चौकी इंचार्ज एसआई अनुराग शर्मा, एसआई अरविंद कुमार, कांस्टेबल नवनीत कुमार शुक्ला और कांस्टेबल विशाल सिंह भी कार्रवाई की सूची में शामिल किए गए। तमकुहिराज थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सुशील शुक्ला, हेड कांस्टेबल असलम अहमद और कांस्टेबल मोहित कुमार उपाध्याय को भी लाइन हाजिर कर दिया गया।
इसके अलावा चौराखास थाने के कांस्टेबल विकास प्रजापति और हेड कांस्टेबल दिलीप कुमार, खड्डा थाने के कांस्टेबल शशिकेष गोस्वामी, पटहेरवा थाने के तीनफेडिया चौकी प्रभारी एसआई पवन कुमार सिंह, हेड कांस्टेबल फूलचंद चौधरी, हेड कांस्टेबल श्याम सिंह यादव, कांस्टेबल अर्जुन खरवार और हेड कांस्टेबल विनोद कुमार यादव को भी तत्काल प्रभाव से हटाया गया।