उत्तर प्रदेश कैडर से आने वाले वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी संजय सिंघल को सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की कमान सौंप दी गई है। उनके इस अहम दायित्व को लेकर यूपी प्रशासनिक सेवा से जुड़ा हर व्यक्ति गर्व महसूस कर रहा है, क्योंकि संजय सिंघल का पूरा सेवा सफर ही उत्तर प्रदेश की मिट्टी से शुरू हुआ और यहीं निखरता चला गया।
कौन हैं संजय सिंघल
गाजियाबाद जिले से ताल्लुक रखने वाले सिंघल ने अपने करियर की शुरुआत में ही यह साबित कर दिया था कि वह सिर्फ नियमों से नहीं, बल्कि ज़मीन से जुड़े फैसलों से बदलाव लाने में विश्वास रखते हैं। उन्होंने प्रदेश के कई जिलों में बतौर कप्तान काम करते हुए न सिर्फ कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाया, बल्कि स्थानीय लोगों से संवाद और भरोसे की एक मज़बूत डोर भी बनाई।
औरैया से लेकर मुजफ्फरनगर तक, जिन-जिन जिलों में उन्होंने जिम्मेदारी संभाली, वहां के लोग आज भी उनके सहज, सख्त लेकिन संवेदनशील नेतृत्व को याद करते हैं। चाहे पीएसी की बटालियन की कमान हो या लखनऊ मुख्यालय में वरिष्ठ पदों पर निर्णय लेने की भूमिका — उन्होंने हर स्तर पर खुद को साबित किया।
हमेशा देश के झंडे को रखा ऊंचा
केंद्र में जाते ही उन्होंने सिर्फ अपने अनुभव को नहीं, बल्कि यूपी की कार्यशैली की गंभीरता को भी साथ लेकर काम किया। बीएसएफ और आईटीबीपी जैसे बलों में उनकी जिम्मेदारियां सिर्फ फॉर्मेलिटी नहीं थीं, बल्कि हर मोर्चे पर वे सक्रिय नजर आए। खास बात यह रही कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर, जैसे कि कोसोवो में संयुक्त राष्ट्र मिशन के दौरान भी, उन्होंने देश का झंडा ऊंचा रखा।
सम्मानों की सूची में वीरता पदक, राष्ट्रपति पुलिस पदक और यूएन मेडल जैसी उपलब्धियां जरूर हैं, लेकिन जो चीज़ उन्हें अलग बनाती है, वह है — ज़मीनी हकीकत को समझने की उनकी खासियत और हर जिम्मेदारी को पूरी गंभीरता से निभाने की आदत। उत्तर प्रदेश से निकले इस अधिकारी का एसएसबी की कमान संभालना, ना सिर्फ राज्य के लिए बल्कि पूरे देश के लिए एक प्रेरणादायक क्षण है।