उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में बाबा चंद्रशेखर फरसे वाले की सड़क दुर्घटना में मृत्यु के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया। उनके समर्थकों द्वारा उग्र प्रदर्शन और नेशनल हाईवे जाम की घटनाओं ने प्रशासन की नींद उड़ा दी। सोशल मीडिया पर अफवाहों के फैलने के बाद स्थिति और अधिक गंभीर हो गई। पुलिस ने तत्काल कदम उठाते हुए कई उपद्रवियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया।
क्या था मामला
घटना 21 मार्च को सामने आई, जब बाबा चंद्रशेखर फरसे वाले की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। समर्थक शव को पोस्टमार्टम न कराने की जिद पर अड़ गए और हंगामा करने लगे। उन्होंने शव को ग्राम आजनौख गोशाला ले जाकर वहां से प्राइवेट वाहन में हाईवे-19 पर ले आए और रास्ता जाम कर दिया।
पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी उग्र हो गए। उन्होंने पुलिस और सरकारी वाहनों पर पथराव किया, गाड़ियों के शीशे तोड़े और अवैध हथियारों से फायरिंग की। आम राहगीरों और यात्रियों के साथ भी अभद्रता हुई, जिससे भगदड़ मच गई।स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और हल्का बल प्रयोग किया। इस दौरान कई पुलिसकर्मी घायल हुए।
करीब 300 के खिलाफ केस दर्ज
पुलिस ने अब तक 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें गौरव उर्फ भूरा, नरेश, हिमांशू, पवन शर्मा, कपिल शर्मा, धर्मेंद्र, विष्णु, अनुज, शनि, केशव, पवन, अरुण, अमन और सुभाष शामिल हैं। इसके अलावा दक्ष चौधरी को भी अपने साथियों के साथ गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। कुल 22 नामजद और करीब 300 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
मौके से पुलिस ने 15 मोटरसाइकिलें, ईंट-पत्थर, लाठी-डंडे और खोखा कारतूस बरामद किए। अधिकारियों ने बताया कि सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी फैलाने वालों पर भी निगरानी रखी जा रही है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अन्य उपद्रवियों की पहचान की जा रही है और दूसरे राज्यों से माहौल खराब करने आ रहे लोगों पर भी कार्रवाई की जा रही है।