Smart Policing

मोहर्रम को लेकर UP POLICE की खास है तैयारी... 152 कंपनी PAC व 11 कंपनी अर्धसैनिक बल तैनात

मोहर्रम को लेकर UP POLICE की खास है तैयारी... 152 कंपनी PAC व 11 कंपनी अर्धसैनिक बल तैनात

उत्तर प्रदेश पुलिस के एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार के मुताबिक मोहर्रम 31 जुलाई से 9 अगस्त तक मनाया जाएगा। लिहाजा सुरक्षा के मद्देनजर यूपी पुलिस ने चाक चौबंद व्यवस्था कर दी है। इलके साथ ही किसी भी तरह का धार्मिक उन्माद ना फैलने पाए उसके लिए पुलिस ने पहले से ही रणनिती तैयार कर ली है। जिसके लिए प्रदेश के तमाम जिलों में 152 कंपनी PAC, 11 कंपनी केंद्रीय अर्धसैनिक बल और भारी संख्या में पुलिस बलों की तैनाती की गई है। राजधानी लखनऊ कमिश्नरेट को विशेष तौर पर 12 अपर पुलिस अधीक्षक, 34 पुलिस उपाधीक्षक, 40 निरीक्षक, 175 उप निरीक्षक, 10 महिला उप निरीक्षक, 600 मुख्य आरक्षी व आरक्षी और 150 प्रशिक्षु आरक्षी उपलब्ध कराए गए हैं।  जुलूसों निकलने के समय पुलिस सीसीटीवी और ड्रोन कैमरों के जरिए निगरानी भी रखेगी।

महिलाओं की सुरक्षा पहली प्राथमिकता

इस बार सावन और मोहर्रम साथ-साथ होने के कारण संवेदनशीलता के देखते हुए यूपी पुलिस की ओर से व्यापक सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं। प्रदेश में 7 तारीख से लेकर 10 तारीख बेहद ही अहम है। क्योंकि इन तिथियों पर ताजिये रखे जाएंगे, और ताजिया, अलम व ताबूत का जुलूस भी निकलता है। इस साल प्रदेशभर में 89,035 ताजियों की स्थापना की जाएगी और 34,293 जुलूस प्रस्तावित तौर पर निकाले जाएंगे। ऐसे में सीएम सीटी गोरखपुर जोन में सबसे ज्यादा 36,755 ताजिये स्थापित किए जाएंगे। जुलूस व ताजिये दफन करने के दौरान किसी भी तरह की कोई नई परंपरा शुरू न करने का भी निर्देश दिया गया हैं। मोहर्रम की मजलिसों में भारी संख्या में महिलाएं शामिल होती है। जिनकी सुरक्षा का दायित्व यूपी पुलिस की पहली प्राथमिकता है। 

चेकिंग और गश्त को दी जाए प्राथमिकता 

प्रशांत कुमार के मुताबिक प्रदेश के सभी जिलों के पुलिस कप्तानों को निर्देश दिया गया है कि आपत्तिजनक पोस्टर अथवा आपत्तिजनक नारों के ना लगने के साथ-साथ चेकिंग व्यवस्था और गश्त को पहली प्राथमिकता दी जाए। स्थानीय प्रिंटिंग प्रेस संचालकों की सभा में भड़काऊ, आपत्तिजनक, अवैधानिक पोस्टर, पम्पलेट को छापने से पूरी तरह रोका जाए। ऐसे कार्य के लिए आने वाले किसी भी शख्स की सूचना तुरंत ही स्थानीय पुलिस को उपलब्ध कराई जाई। जिससे किसी भी बड़ी घटना को होने से रोका जाए।

सोशल मीडिया पर रखे पैनी नजर

एडीजी का कहना है कि जुलूस निकालने वाले रास्तों और कार्यक्रम स्थलों पर सुरक्षा के साथ-साथ पुख्ता तरीके से चेकिंग व्यवस्था को सुनिश्चित किया जाना बेहद ही जरूरी है। इसके साथ ही डॉग स्क्वॉयड और ATS के बम निरोधक दस्ते की भी तैनाती की जाए। किसी भी संदिग्ध वाहन के दिखाई देने पर तुरंत ही उसपर नजर रखी जाए। सोशल मीडिया पर खासतौर पर पैनी नजर रखते हुए भ्रामक सूचना फैलाने वालों के विरूद्ध कार्रवाई करते हुए उनके खंडन की सूचना दी जाए और ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

लेखक

Madhvi Tanwar

Police Media News

Leave a comment