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अमेठी की जनता के लिए आया ‘सिंघम कप्तान’

अमेठी की जनता के लिए आया ‘सिंघम कप्तान’

अमेठी एसपी अनुराग आर्य से पुलिस मीडिया न्यूज की खास बातचीत

पिछले काफी समय से अमेठी की जनता लगातार बढ़ रहे अपराध के ग्राफ से परेशान चल रही थी. ऐसे में जनता की माथे की पेशानियों को कम करने के लिए जनपद में एक ‘सिंघम’ ने एंट्री ली है. और इस सिंघम ने पदभार संभालते ही अपराधियों पर कानून का ऐसा हथौड़ा चलाया कि जनता अब सुरक्षित महसूस कर रही है. जी हां हम बात कर रहे हैं अमेठी में तैनात हुए नए कप्तान अनुराग आर्य की. जिन्होने जनपद में आते ही अपराधियों के पसीने छुड़ा दिए हैं. पुलिस मीडिया से खास बातचीत में जनता के सिंघम कप्तान अनुराग आर्य ने साफ कर दिया कि वे अपराधियों को बख्शने के मूड में कतई नहीं हैं. कप्तान अनुराग ने बताया कि उनका एक ही मकसद है जनपद से अपराध का सफाया हो और जनता के बीच पुलिस की छवि सुधरे... 


अपने काम से जनता के दिल में बना ली जगह


कप्तान अनुराग आर्य ने पदभार संभालते ही अपराधियों पर नकेल कसनी शुरू कर दी है. तेजतर्रार और कड़क मिजाजी के लिए जाने जाने वाले आईपीएस अधिकारी ने पुलिस मीडिया न्यूज से बातचीत में कहा कि जनपद से पूरी तरह अपराध का सफाया करना ही उनका मकसद है. ताकि जनता बेखौफ जी सके. आपको बता दें कि अनुराग आर्य ने 3 अगस्त 2018 को अमेठी के पुलिस अधीक्षक का कार्यभार संभाला था. अनुराग आर्य के चार्ज संभालने के बाद उन्होने जनता की समस्याओं को गंभीरता से सुना. आमजन की समस्याओं को सुनकर अनुराग आर्य ने पाया कि जनता पुलिस के होते हुए भी सुरक्षित नहीं है और इस वजह से लोगों के बीच खाकी की छवि धूमिल हो रही है. ऐसे में फौरन एक्शन लेते हुए ना केवल उन्होने अपने विभाग के पुलिसकर्मचारियों को झाड़ लगाई साथ ही हर पुलिसकर्मी को ये हिदायत भी दी कि वे जनता की समस्या को सुने और उनकी हर परेशानी का हल भी निकालें. उन्होंने लोगों को अपना फोन नंबर देते हुए ये भी कहा कि किसी भी परेशानी में वे उन्हे सीधा कॉल कर अपनी समस्या बता सकते हैं.

 
मजबूत बनानी होगी मुखबिरी व्यवस्था



अनुराग आर्य ने बताया कि अपराधियों पर चाबुक चलाने के लिए जरूरी है कि मुखबिर तंत्र को मजबूत बनाया जाए. दरअसल उनका कहना है कि आज के अपराधी काफी शातिर हो चुके हैं और वे सर्विलांस को भली-भांति समझ भी चुके नतीजतन वे अब इसका गलत इस्तेमाल कर बच निकलने में सफल हो रहे हैं. ऐसे में जरूरी है कि मुखबिर तंत्र को मजबूत किया जाए. साथ ही अपराधियों की फौरन धर-पकड़ हो इसके लिए ज्यादा से ज्यादा बाजारों, सड़कों और चौराहों पर सीसीटीवी कैमरे लगवाएं जाएं. और अगर ऐसा होता है तो यकीनन अपराध का ग्राफ नीचे ही गिरेगा.
 

 
गांव-गांव जाकर जनता की समस्यां सुनेंगे आर्य

 

अमेठी के पुलिस कप्तान अनुराग आर्य ने बताया कि उनकी यही प्राथमिकता है कि वे जनता के बीच पुलिस की छवि को सुधारें और इसके लिए वे कभी भी किसी थाने या गांव का दौरा कर सकते हैं. उन्होने कहा कि वे सीधे जनता से पूछेंगे कि क्या वे जनपद की पुलिस के काम से संतुष्ट हैं. ऐसा ही एक वाक्या आपसे शेयर करते हैं एक दिन देर शाम को अनुराग आर्य एक गांव में पहुंच भी गए और यहां पहुंचकर उन्होने जनता की समस्याओं को काफी देर तक सुना और समझा. अनुराग आर्य का मानना है कि अगर जनता की बात को सुनकर उनकी समस्या का हल निकाला जाए तो वो फौरन हल हो जाती है. जरूरी नहीं कि जनता अगर अपराधी या अपराध से जुड़ी बात कर रही है तभी उसकी समस्या सुने उनको दूसरी समस्याओं को सुनना और उनका हल निकालना भी पुलिस का फर्ज है.


सभी अभियानों को सख्ती से चलाया जाएगा



पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य ने ये भी साफ कर दिया कि  डीजीपी ओपी सिंह के चलाए गए सभी अभियानों को जनपद के अंदर सख्ती से पालन करवाया जाएगा. फिर चाहे बात डायल 100 की हो या एंटी रोमियो स्क्वायड या महिला अपराध की. उन्होने कुछ पुलिसकर्मियों की ढिलाई पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर हर पुलिसवाला जनता के प्रति अपनी जिम्मेदारीयों को समझते हुए अपना फर्ज निभाए तो  किसी अपराधी की मजाल नहीं कि वो जनपद की शांति को भंग करने की हिमाकत भी करे... 

 
कौन हैं अनुराग आर्य

 

2013 बैच के आईपीएस अधिकारी अनुराग आर्य मूल रूप से बागपत के रहने वाले हैं. अनुराग ने अपनी स्कूली शिक्षा बागपत से ही शुरू की और फिर आगे की पढाई सोनीपत और देहरादून से की. उन्होने बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी से भी पढ़ाई की है. अनुराग आर्य के पिता डॉक्टर हैं. आईपीएस अधिकारी बनने से पहले अनुराग आर्य रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया कानपुर में कार्यरत थे. लेकिन दिल में देश के लिए कुछ कर गुजरने का जुनून कुछ इस कदर सवार था कि वे 2013 में IPS परिक्षा में बैठे और सिलेक्ट हो गए. अनुराग आर्या ट्रेनिंग के दौरान गाजियाबाद में ट्रेनिंग ASP रहे. गाजियाबाद के बाद अनुराग बनारस में रेग्यूलर ASP भी रहे. बनारस रहते हुए अनुराग आर्या उत्तर प्रदेश के राज्यपाल के एडीसी भी रहे हैं. बनारस के बाद अनुराग आर्य को कानपुर ईस्ट का पुलिस अधीक्षक बनाया गया. यहां उन्होने अपराधियों की नाक में दम कर दिया. अनुराग ने कानपुर के कई गैंग को खत्म किया जिसमे मुख्य था एक ही रात में कई एटीएम काटकर 20 लाख रूपये गायब करने वाला गिरोह । इस घटना का खुलासा करने के बाद दबंग अनुराग आर्य की छवि एक हीरो की हो गई । एक बार फिर अनुराग एक नई पारी की शुरूआत कर रहे हैं. दरअसल उन्हे 3 अगस्त 2018 को सरकार ने अमेठी पुलिस अधीक्षक की नई जिम्मेदारी दी है.
  

पशुप्रेमी हैं अनुराग आर्या



अमेठी के पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य को रनिंग करना और किताबो को पढ़ना बहुत पसंद है. वे खेलकूद का भी काफी शौक रखते हैं. इतना ही नहीं बुलेट के तो दिवाने हैं. उन्हे जनता के बीच रहना और उनकी समस्याओं को सुनना भी काफी भाता है. अनुराग आर्य को पशुओं  से भी काफ़ी प्यार है. उनके पशुप्रेम का अंदाजा आप इसी से लगा सकते हैं कि वे अपने जर्मन शेफर्ड डॉग "डूनो" के साथ अपनी कई फोटो अक्सर सोशलमीडिया पर शेयर करते रहते हैं. अनुराग को फिट रहना भी बहुत पसंद हैं.और इसके लिए वे जिम में घंटों पसीना भी बहाते हैं.

बहरहाल अनुराग आर्या को पुलिस मीडिया न्यूज की तरफ से उनकी नई पारी के लिए बधाई... उम्मीद है कि उनके आने से ना केवल जनपद में अपराधियों के हौंसले पस्त होंगे बल्कि जनता भी सुरक्षित महसूस करेगी ।

मुख्य संवाददाता

Chandan Rai

Police Media News

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