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थाने में बंद हनुमान जी की रिहाई की मांग पर अड़े लोग

थाने में बंद हनुमान जी की रिहाई की मांग पर अड़े लोग

यूपी के आगरा में थाने में बंद हनुमान जी की रिहाई को लेकर ख़ासा हंगामा बरपा. दरअसल, चार वर्ष पूर्व धार्मिक स्थल पर विवाद हुआ था. जिसके बाद पुलिस हनुमान जी की मूर्ती को थाने ले आयी थी. यहां पुलिस ने मूर्ती को थाने के मालखाने में बंद कर दिया था. धार्मिक संगठन के लोगों ने थानेदार से मूर्ती को वापस लौटाने की मांग की. थानेदार के इंकार करने पर लोगों ने थाने में जमकर हंगामा काटा. विवाद बढ़ता देख पुलिस कर्मियों ने हनुमान जी मूर्ती को मालखाने से बाहर निकाल कर पेड़ के नीचे स्थापित कर दिया. 

जानिए क्या है पूरा मामला

मामला थाना न्यू आगरा का है जहां चार वर्ष पूर्व धार्मिक स्थल पर विवाद के बाद हनुमान जी की मूर्ती को पुलिस थाने ले गयी थी. यहां मूर्ति को थाने के मालखाने में बंद कर दिया गया था. धार्मिक संगठनों के लोगों ने मूर्ती को बाहर निकालने की कई बार मांग की. कागजी कार्यवाई भी की गयी लेकिन पुलिस ने कानूनी दांवपेंच का हवाला देते हुए मूर्ती को मालखाने से बाहर निकालने में असमर्थता जाता दी. फिर क्या था, धार्मिक संगठनों से जुड़े लोग थाना नई आगरा पहुँच गए. यहां लोगों ने जमकर हंगामा किया. लोग थानेदार के कमरे में भी घुस गए जहां उनके और पुलिस के बीच तीखी नोंकझोंक होती रही. 

हंगामा देख मूर्ती को मालखाने से निकाला  

हंगामा बढ़ता देख थाने के पुलिसकर्मियों नें बीच का रास्ता निकाला. उन्होंने मूर्ती को मालखाने से निकालकर बाहर एक पेड़ के नीचे रख दिया. संगठन की मांग पर मूर्ति की पूजा-अर्चना भी शुरू कर दी गयी. मूर्ति को थाने में बने एक मंदिर में भी जगह दी गई. लेकिन संगठन से जुड़े लोग इतने पर मानने को तैयार नहीं हुए मूर्ति को साथ ले जाने की मांग पर अड़ गए. 
 

मूर्ती की सुरक्षा में पुलिस मुस्तैद 

मूर्ति को लेकर कोई अन्य विवाद खड़ा न हो या कोई शरारती तत्व मूर्ती को नुकसान ना पहुंचा पाए उस सब के लिए हनुमान जी की सुरक्षा में एक सिपाही तैनात किया गया है. दिन-रात एक सिपाही हनुमान जी की सुरक्षा में मुस्तैद रहता है. 
 

हनुमान जी की मूर्ती केस प्रॉपर्टी  

हनुमान जी को थाने से आज़ाद किए जाने की मांग करने वाले  गोविन्द पाराशर के मुताबिक न्यू आगरा थाना के इंस्पेक्टर आदित्य कुमार का कहना है कि हनुमान जी की मूर्ती केस प्रॉपर्टी है जिसे कोर्ट की अनुमति मिलने के बाद ही रिलीज किया जा सकता है. लेकिन भगवान की मूर्ति थाने में बंद क्यों रहे इस पर कानून के जानकारों से राय ली जा रही है.

लेखक

Madhavi Tanwar

Police Media News

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