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' डीजीपी साहब सब्र रखिए, आप अभी कतार में हैं '

' डीजीपी साहब सब्र रखिए, आप अभी कतार में हैं '

प्रदेश की राजधानी लखनऊ जहां अपनी तहजीब, अदब और लजीज व्यंजनों के लिए जानी जाती है तो वहीं प्रदेश की राजधानी यहां लगने वाले जाम की समस्या के चलते भी काफी मशहूर है। खैर आम जनता को तो रोज जाम के झाम को झेलना पड़ता है। कभी भी घंटों के लिए सड़कों पर कब्जा कर बैठ जाने वाले जाम के चलते आफिस पहुंचने में देरी होती है तो स्टूडेंट्स को स्कूल पहुंचने में लेट हो जाता है। घर का जरूरी सामान लेने निकलें और जाम की समस्या आ जाए तो फिर दिमाग खराब हो जाता है। जाम के इस झेमेल से आम जन तो रोज ही दो-चार होता है। लेकिन जब प्रदेश के आला अधिकारियों को इस समस्या से जुझना पड़े तब भेजे में बात घुसती है कि आमजन किन तकलीफों से रोज गुजरती है। लखनऊ में उत्तरप्रदेश पुलिस के मुखिया ओपी सिंह भी बड़े ही जोश से रात में शहर की कानून-व्यवस्था का हाल लेने के लिए निकले थे औचक निरीक्षण पर। लेकिन पुलिस मुखिया का जोश उस वक्त ठंडा पड़ गया जब उन्हे 40 मिनट तक जाम के झाम से माथापच्ची करनी पड़ी। 

40 मिनट तक फंसे रहे जाम में डीजीपी

डीजीपी साहब क्यों भौहें तनी हुई हैं आपकी...जिस जाम में फंसकर आपका मूड खराब हो गया उससे तो आमजन को रोज दो-चार होना पड़ता है। जरा सोचिए क्या गुजरती होगी आम जनता पर जब राजधानी की सड़कों पर लगने वाले जाम के चलते उनके हर जरूरी काम को खामियाजा भुगतना पड़ता है। तो अब डीजीपी भी लगने वाले जाम की कतार में खड़े हो ही गए। चलिए पूरी कहानी से रूबरू कराते हैं दरअसल हुआ यूं कि लखनऊ की सड़कों पर पुलिस की मुस्तैदी देखने के लिए डीजीपी साहब रात को औचक निरीक्षण पर निकले थे इस दौरान वे सबसे पहले लखनऊ के पाटानाला चौकी पहुंचे, यहां उन्होने पहले से मौजूद चौकी इंचार्ज, एसओ से सवाल-जवाब किए और उनकी क्लास भी लगाई साथ ही आगामी त्योहारों के मद्देनजर मुस्तैद रहने की नसीहत भी दी। इसके बाद डीजीपी का काफिला पाटानाला से निकल कर गश्त करते हुए शहीद पथ पर पहुंचा। लेकिन यहां पहुंचते ही डीजीपी साहाब के तो पसीने छूट गए। दरअसल सड़कों पर इतना लंबा जाम लगा था कि गाड़िया बामुश्किल रेंग रही थी ऐसे में डीजीपी भी जाम के झाम से बच ना पाए मजबूरन पुलिस मुखिया को 40 मिनट तक यूं ही जाम से जूझना पड़ा। और हद  तो तब हो गई जब इस जाम को खुलवाने के लिए नजरें दूर-दूर तक दौड़ाने पर भी ना तो कोई पुलिसवाला नजर आया और ना ही कोई ट्रैफिक पुलिस वाला। पुलिस मुखिया के जाम में फंसने की खबर उड़ते-उड़ते पुलिस के दूसरे अफसरों को लगी तो पुलिस महकमे में अफरातफरी मच गई और किसी तरह डीजीपी साहब को जाम के झाम से निकाल कर उनके मुकाम तक पहुंचाया गया ।

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डीजीपी ने एसपी ट्रैफिक की लगाई क्लास

जाम की इस समस्या से दो-चार होने के बाद डीजीपी साहब का पारा गर्म हो गया ट्रकों की लबीं कतारे देख पुलिस मुखिया बौखला गए और फिर उन्होने एसपी ट्रैफिक की जमकर क्लास लगा दी साथ ही इस समस्या को सुलझाने के निर्देश भी दिए। बहरहाल पुलिस मुखिया ने शायद निरीक्षण के दौरान सोचना भी नहीं होगा कि उन्हे जाम के झाम को झेलना पड़ेगा। गौर करने वाली बात है कि निरीक्षण की जानकारी तो लखनऊ पुलिस को पहले से ही थी लेकिन लखनऊ पुलिस अपने मुखिया को पूरी तरह संतुष्ट करने में नाकाम रही । इस दौरान एसएसपी कलानिधि नैथानी भी डीजीपी ओपी सिंह के साथ मौजूद थे


थोड़ा ध्यान दीजिए डीजीपी महोदय..

बहरहाल डीजीपी के जाम में फंसने के बाद शायद पुलिस मुखिया को अब इस बात का इल्म जरूर हो गया होगा कि आम जनता को इस समस्या के चलते  रोज माथापच्ची करनी पड़ती है लेकिन ना तो पुलिस और ना ही कोई ट्रैफिक पुलिसवाला ट्रैफिक जाम से निजात दिलाने के लिए कोसो दूर तक दिखाई देता है। ऐसे मे डीजीपी साहब थोड़ा आमजन की रोज को इस समस्या पर ऩजरें इनायत कीजिए क्योंकि अब तो आप भी भुगतभोगी है। अभी तो सिर्फ 40 मिनट जाम में खड़े होने पर आपकी हालत पतली हो गई कहीं अगली बार घंटे भरे के लिए जाम से जूझना पड़ा तब क्या होगा। इसलिए थोड़ा ध्यान दीजिए...

संवाददाता

Ankit Tailor

Police Media News

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