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जब आधी रात नहीं मिला ऑटो, तो पीड़ा से तड़प रही गर्भवती महिला को प्रयागराज पुलिस ने पहुंचाया अस्पताल

जब आधी रात नहीं मिला ऑटो, तो पीड़ा से तड़प रही गर्भवती महिला को प्रयागराज पुलिस ने पहुंचाया अस्पताल

भले ही धन उगाही तो व आम आदमी की पिटाई की वजह से समाज में पुलिस की छवी  बदनाम है। लेकिन यही पुलिस कभी कभी ऐसा सराहनीय काम करती है कि लोग इनकी तारीफ करने को मजबूर हो जाते हैं। अपराधियों की गिरफ्तारी और अपराध की रोकथाम के मूल काम से इतर मित्र पुलिसिंग के चलते प्रयागराज पुलिस की शुक्रवार को यमुनापार इलाके के बारा में रहने वाले लोग सराहना करते नजर आए। जिसकी एक खास वजह भी है।

ऑटो गाड़ी नहीं मिलने पर सिपाही बने मददगार

आपको बता दें कि मामला प्रयागराज से है, जहां यमुनापार इलाके की जारी पुलिस चौकी में तैनात सिपाही दीपक पांडेय और जितेंद्र यादव गुरूवार रात करीब 2 बजे इलाके में गश्त पर निकले थे। उसी दौरान उन्हें एक ऑटो खड़ा दिखा। उसमें बैठी एक गर्भवती महिला दर्द से कराह रही थी। तो मालूम हुआ कि अस्पताल जाते वक्त रास्ते में ऑटो में खराबी आ गई थी। इतनी देर रात कोई मैकेनिक भी नहीं मिल रहा था। खराबी की वजह से खड़े ऑटो में महिला प्रसव पीड़ा से तड़प रही थी। साथ मौजूद परिवार के लोग बेबसी से उसे ताक रहे थे क्योंकि कोई और गाड़ी नहीं मिल रही थी। 

सिपाहियों ने ली चैन की सांस

ऐसी परिस्थिति में महिला की तकलीफ देख सिपाहियों ने उसे परिवार सहित अपनी गाड़ी से अस्पताल पहुंचाया।  वहीं महिला के परिजनों का कहना है कि वे बारा इलाके में गींज पहाड़ी गांव के निवासी हैं। बता दें महिला नीरज सिंह की पत्नी तनु है। पुलिसकी इस सहायता से तनु ने अस्पताल में बच्चे को जन्म दिया। महिला और बच्चे को सकुशल देख सिपाहियों ने भी राहत की सांस ली। तनु के परिवार के लोग सिपाहियों की मदद से बेहद प्रभावित थे और उनका आभार जता रहे थे। पुलिस का एक सराहनीय काम गांव के लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। साथ ही पुलिसवालों के इस कार्य की सराहना की।

संवाददाता

JYOTI MEHRA

Police Media News

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