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यूपी पुलिस के शस्त्रागार से होगी 'ली एनफील्ड राइफल' की विदाई

यूपी पुलिस के शस्त्रागार से होगी 'ली एनफील्ड राइफल' की विदाई

द्वितीय विश्व युद्ध में दुश्मनो को धूल चटाने वाली "ली एनफील्ड राइफल" की अब यूपी पुलिस के शस्त्रागार से विदाई होने वाली है. अब ली एनफील्ड राइफल की जगह यूपी पुलिस के जवानों को देश में निर्मित इंसास (इंडियन स्‍‍‍‍‍‍मॉल आर्म्स सिस्टम) राइफल मुहैया कराई जाएगी. इंसास राइफल का निर्माण देश की ऑर्डनेन्स फैक्ट्री में किया गया है और वर्तमान में केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल, बीएसएफ, जम्मू-कश्मीर, छत्तीसगढ़ और असम की पुलिस द्वारा किया जाता है. इंसास राइफल काफी आधुनिक है जिसका इस्तेमाल हर जगह हो सकता है. 

जवानो को न हो सके दिक्कत


जानकारी के मुताबिक ली एनफील्ड राइफल इतिहास का एक ऐतिहासिक अवशेष है, और ऑपरेशन में भी हैं, लेकिन जैमिंग और फिर से लोड करने की समस्या की वजह से इन्हें 6 महीने में चरणबद्ध तरीके से शस्त्रागार से बाहर किया जाएगा." आने वाले समय में इन्हे पूरी तरह से हटाकर इनकी जगह इंसास राइफल्स को शामिल किया जाएगा. ताकि जवानों को किसी भी तरीके की दिक्कत का सामना न करना पड़े. 

आपको बता दे कि एनफील्ड राइफल्स के साथ सबसे बड़ी समस्या यह है कि उन्हें हर फायर के बाद बोल्ट करना पड़ता है. जबकि इंसास राइफल्स एक साथ कई राउंड फायर करने में सक्षम है. उन्होंने कहा कि इंसास को यूपी पुलिस के शस्त्रागार में पहले इस लिए शामिल नहीं किया जा सका क्योंकि यहां बीएसएफ और सीआरपीएफ की तरह हथियारों के लिए कमेटी नहीं बनी. अब इन्हें शामिल किया जा रहा है.


तीन महीने का लगेगा समय


बीसएफ के साथ रह चुके आशीष राठौर अब इंसास की आधुनिकरण अभयास समीक्षा कर रहे है. पुराने ली एनफील्ड राइफल्स सीतापुर में केंद्रीय शस्त्रागार स्टेशन पर भेजे जाएंगे, जहां से उन्हें रीसाइक्लिंग के लिए भेजा जाएगा. पूरा अभ्यास तीन महीने में खत्म हो जाएगा, जिसके बाद हम इंसास आवंटित कर दिया जायेगा.

लेखक

Anshul vajpayee

Police Media News

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