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दो सिपाहियों की हत्या कर फरार हुए तीनों बंदी जंगल में बने आश्रम में जा छिपे थे

दो सिपाहियों की हत्या कर फरार हुए तीनों बंदी जंगल में बने आश्रम में जा छिपे थे

उत्तर प्रदेश के संभल में चंदौसी कोर्ट में पेशी के बाद मुरादाबाद जेल लौटते समय तीन बंदियों ने दो सिपाहियों की हत्या कर दी थी और फरार हो गए थे। फरार होने के बाद इन तीनों बदमाशों ने पुलिस से बचने के लिए शेरगढ़ इमरतपुर के कीकर वन में बने आश्रम को अपना ठिकाना बनाया था। जंगल के बीचों बीच बने इस आश्रम में ही बदमाश छिपे हुए थे। लेकिन उनके इस ठिकाने की भनक पुलिस को लग ही गई और शनिवार देर रात मुठभेड़ में ढाई लाख का इनामी बदमाश कमल मारा गया था।

जानिए पूरा मामला

बता दें कि 17 जुलाई को मुरादाबाद जेल से बंदी वैन से  चौबीस बंदियों को चंदौसी कोर्ट में पेशी पर लाया गया था। पेशी के बाद बंदियों को वैन से मुरादाबाद लाया जा रहा था। इसी दौरान तीन बंदियों कमल पुत्र जंगबहादुर और शकील पुत्र नूर मोहम्मद निवासी थाना बहजोई गांव रमपुरा, धर्मपाल पुत्र देशराज निवासी थाना बहजोई गांव भरतपुर ने पहले दो सिपाहियों की आखों में लाल मिर्च झोंक दी थी। वहीं जब सिपाहियों ने बंदियों का विरोध किया तो तीनों ने सिपाहियों की  हत्या कर दी थी और फरार हो गए थे। इस वारदात के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया था। पुलिस के आलाधिकारियों से लेकर पुलिसकर्मी भी फरार बदमाशों की धरपकड़ में जुट गई थी।

पुलिस से बचने के लिए जंगल के बीच बने आश्रम को बनाया था ठिकाना

वहीं कदम-कदम पर पुलिस चेकिंग नाकाबंदी देखकर तीनों बदमाशों ने संभल जिले से सटे आदमपुर थानाक्षेत्र के गांव शेरगढ़ इमरतपुर के कीकर के जंगल में महाराज दाता साईं के आश्रम को अपना ठिकाना बना लिया। जंगल के बीचों बीच बने इस आश्रम में कोई आता जाता नहीं था। बताया जाता है कि महाराज दाता साईं सोलह जुलाई को गंगा स्नान करने चले गए थे इसलिए आश्रम खाली पड़ा था। वहीं तीनों हत्यारोपियों ने पुलिस से बचने के लिए खाली पड़े आश्रम को अपना ठिकाना बना लिया। दो दिन तक बदमाशों ने यहां आराम फरमाया। आश्रम में तीन झोपड़ियां बनाई गई है। आश्रम में चटाई, तख्त, बिस्तर, बाल्टी, हैंडपंप आदी की सुविधा थी। थर्माकोल की खाली प्लेट, प्लास्टिक के गिलास भी मिले थे। लेकिन शनिवार को पुलिस को इन हत्यारोपियों के आश्रम में छिपे होने की भनक लग ही गई। जिसके बाद पुलिस ने इनकी घेराबंदी कर दी। इस दौरान मुठभेड़ में ढाई लाख का बदमाश कमल मारा गया, जबकि शकील और धर्मपाल फरार हो गए पुलिस उनकी तलाश कर रही है। 

दाता साईं महाराज ने दो साल पहले बनवाया था आश्रम

बता दें कि दाता साईं महाराज ने दो साल पहले शेरगढ़ इमरतपुर के कीकर के जंगल में पदपंश आश्रम की स्थापना की थी। इनका एक आश्रम बदायूं जनपद के नोली हरनाथपुर में भी है। वह एक-एक महीने दोनों आश्रम में रहते हैं। इन दिनों वह गंगा स्नान के लिए गए थे। पदपंश आश्रम शेरगढ़ इमरतपुर से करीब तीन किमी अंदर कीकर के जंगल के बीच है।  आश्रम मेन रोड पर नहीं होने से यहां किसी आना-जाना नहीं होता था।

लेखक

Sandhya mishra

Police Media News

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