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आतंकियों की पनाहगाह बना वेस्ट यूपी

आतंकियों की पनाहगाह बना वेस्ट यूपी

- वेस्ट यूपी में आतंक की तालीम

- युवाओं को बरगलाकर आतंक का पाठ पढ़ाया जाता है.

- 56 गुम पाकिस्तानियों को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में ढूंढने का आदेश - गृहमंत्रालय

- 2005 में आए थे क्रिकेट वीजा पर

- बेहद गोपनीय तरीके से वेस्ट यूपी मे चला रहे हैं आतंकी आपरेशन

पश्चिमी उत्तर प्रदेश को आतंक का गढ़ कहा जाता है. वैसे शुगर बाऊल कहे जाने वाले वेस्ट यूपी में आतंकी कनेक्शन काफी पुराना हैं. पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई हो  अंसारुल्ला बांग्ला टीम हो या सिख आंतकी सभी ने वेस्ट यूपी की जमीन को अपनी पनाहगाह के तौर पर इस्तेमाल किया है. हैरानी की बात ये है कि अपने नापाक मंसूबों का अंजाम देने के लिए  पाकिस्तानी आतंकी तो यूपी के इस क्षेत्र में आतंक फैलाने की तालीम दे रहे हैं.

 
कैसे बना आतंक का गढ़ वेस्ट यूपी


गौर करन वाली बात है कि करीब 13 साल पहले भारत - पाक क्रिकेट सीरीज देखने के बहाने देश में 56 पाकिस्तानियों ने एंट्री ली थी. ये सभी 2005 में क्रिकेट प्रेमी बनकर भारत-पाक सीरीज देखने के बहाने देश में दाखिल तो हुए थे लेकिन आज तक वापस अपने मुल्क नहीं लौटे. बड़ा सवाल ये उठता है कि आखिर क्रिकेट वीजा पर आए ये पाकिस्तानी गए तो गए कहां. तो आपको बता दें कि  खुफिया ऐजेंसियों की आँखों में धूल झोंकर कुछ  पश्चिमी उत्तर प्रदेश के गली-कूचों में गुम से हो गए तो कुछ पाकिस्तानियोंन  मोहाली, दिल्ली, कानपुर तथा बंगलौर को अपना गढ़ बना लिया.  खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट की माने तो अब इन पाकिस्तानीयों ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आतंक की पाठशालाएं खोल ली हैं। आतंक की इन पाठशालों में भोले - भाले युवाओं को बरगला कर आतंकी कैंपों में धकेलने के साथ ही ये पाकिस्तानी सरहद पार बैठे अपने आकाओं के हुक्म पर वेस्ट यूपी के शहर - कस्बों में स्लीपिंग माड्यूल्स का जाल बुना जाता है. इन पाकिस्तानी दहशतगर्दों का एक ही मंसूबा है भारत को बर्बाद करना ... ये आतंकी मेरठ, बागपत, सहानरपुर, मुजफ्फरनगर, बुलंदशहर, शामली, हापुड़, गाजियाबाद, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, अलीगढ़ में ज्यादा आसानी से पनाह पाकर अपने देश विरोधी मंसूबों को पूरा करने की कोशिश करते हैं। ये आतंकी सामरिक रूप से संवेदनशील जानकारियों को दुश्मनों तक पहुंचाते हैं। पिछले करीब 14 साल से अब तक करीब 25 आतंकी यहां से पकड़े जा चुके हैं। .. आईएसआई एजेंटों की भी यहां बड़ी तादाद की आशंका है, जिनमें महिलाएं भी शामिल हैं। मुजफ्फरनगर के कैराना, शामली, मेरठ का लिसाड़ी गेट, बुलंदशहर का खुर्जा आदि कई जगह पर आईएसआई एजेंट पकड़े जाने पर इस बात का खुलासा हो चुका हैं।


वेस्ट में दहशतगर्दों की कारगुजारी 


जुलाई 2017- बिजनौर से आतंकियों से संपर्क रखने वाला सफेदपोश गिरफ्तार 

अप्रैल 2017- बिजनौर से एटीएस ने कई संदिग्ध पकड़े, 2 आतंकी निकले 

नवंबर 2015- मेरठ में आईएसआई एजेंट एजाज गिरफ्तार 

अगस्त 2014- सहारनपुर में आईएसआई एजेंट आमिर अहमद पकड़ा गया 

सितंबर 2014- बिजनौर से बम बनाते समय SIMI के 6 आंतकवादी फरार हो गए थे, जिनमें से 2 बाद में तेलंगाना में मुठभेड़ में मारे गए थे 

दिसंबर 2008- लश्कर ए तैयबा से जुड़े आतंकी फहीम अंसारी को सीआरपीएफ आतंकी हमले के मामले में अरेस्ट किया गया 

जून 2007- बिजनौर में भारी तादाद में आरडीएक्स से साथ हरकत उल मुजाहिदीन (HUJI) के 2 आतंकी गिरफ्तार हुए 

मार्च 2005- बुलंदशहर के स्याना में पाकिस्तान का जासूस डॉक्टर पकड़ा गया 

2004- बुलंदशहर के सिकंदराबाद से लश्कर ए तैयबा के 2 आतंकी गिरफ्त में लिए गए

 
गृह मंत्रालय का लापता पाकिस्तानियों को खोजने का आदेश 


पाकिस्तानी दहशतगर्दों की साजिशों को नाकाम करन के लिए गृह मंत्रालय ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सभी जिलों को लापता पाकिस्तानियों की सूची के साथ ही उनके पासपोर्ट और वीजा नंबर भेजकर इन्हें खोजने का आदेश  दिया है। सूत्रों के मुताबिक गृह मंत्रालय के सर्कुलर में बताया गया है कि क्रिकेट मैच देखने आए पाकिस्तानियों की संख्या करीब छह हजार थी। बाकी तो सीरीज खत्म होने के बाद पाकिस्तान लौट गए लेकिन 56 पाक नागरिक अपने देश नहीं लौटे। खुफिया एजेंसियों को मिले गृह मंत्रालय के पत्र के अनुसार मोहाली से 11, बंगलौर से 29 तथा दिल्ली व कानपुर से 16 पाकिस्तानी नागरिक स्थानीय खुफिया एजेंसियों की आंखों से ओझल हो गए थे। जिनका आज तक पता नहीं चल सका है। ये न तो आज तक पाकिस्तान वापस गए और न ही देश में कहीं पुलिस या खुफिया एजेंसियों के हत्थे चढ़े हैं। इन सभी के वीजा एक्सपायर हो चुके हैं। लापता होने वाले पाक नागरिकों में लाहौर, इस्लामाबाद सहित पाकिस्तान के तमाम शहरों के नागरिक शामिल हैं। गृह मंत्रालय के ताजा पत्र में आशंका जताई गई है कि ये पाकिस्तानी नागरिक आतंकी गतिविधियों में लिप्त हैं और वेस्ट यूपी के शहर तथा कस्बों में बेहद गोपनीय तरीके से आतंकी आपरेशन चला रहे हैं। लापता पाकिस्तानियों में से अधिकांश युवा हैं और वेस्ट यूपी में युवाओं को बरगला कर आतंक की राह पर भेजने की कोशिशों में जुटे हैं। गृह मंत्रालय ने इन सभी के नाम फोटो, बीजा तथा पासपोर्ट नंबर भेजकर स्थानीय एजेंसियों से इन्हें खोजने को कहा है। 

इस बाबत एसपी इंटेलिजेंस का कहना है कि लापता पाकिस्तानियों को खोजने के लिए एजेंसियां अपना काम कर रही हैं। ये एक बेहद गोपनीय मामला है इसलिए इसे लेकर कोई भी तथ्य मीडिया या अन्य किसी व्यक्ति के साथ साझा नहीं किया जा सकता.

संवाददाता

Ankit Tailor

Police Media News

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