Officer Column

परीक्षा में आये है कम नंबर तो एक बार ज़रूर पढ़िए इन डीएसपी साहब का लेख

परीक्षा में आये है कम नंबर तो एक बार ज़रूर पढ़िए इन डीएसपी साहब का लेख

सोमवार की शाम को सीबीएसई ने हाई स्कूल के परिणाम घोषित किये । वहीँ परिणाम में कुछ बच्चों ने अच्छे नंबरों पाए तो कुछ को उम्मीद के मुताबिक अंक हासिल नहीं हुए तो वहीं कुछ असफल भी हुए । ऐसे में जिन बच्चो के कम नंबर आये है और वो अपने नंबर को खुश नहीं है उन बच्चो प्रेरित और सही दिशा दिखाने के उत्तर प्रदेश पुलिस में डीएसपी के पद पर तैनात अभिषेक प्रकाश ने एक लेख अपने फेसबुक वाल पर शेयर किया है 

OTHER VIDEO :

डीएसपी अभिषेक प्रकाश द्वारा लिखा गया लेख :


कल कुछ जब अपने अंकपत्र में पांच सौ में से चार सौ निन्यानबे अंक पाकर खुश हो रही थी, तभी एक लड़की रामनगर पुल से गंगा में कूद गई! और इस व्यवस्था के नम्बर गेम से उसने अपने आपको बाहर कर लिया ! कारण बस इस संख्या के पीछे छुपे मनोविज्ञान से मुक्ति! वह कल हाई स्कूल के परीक्षा में फेल हो गई थी । 

यहां परीक्षा में असफल होना ज़िन्दगी में असफल होने जैसा है! भारत मे प्रतिस्पर्धा का यही स्तर है।या तो आपका नाम बोर्ड पर है या आपका अस्तित्व ही नही है।यहां ज़िन्दगी अंकपत्र में लिखे नम्बर से शुरू होकर पैकेज तक जाती है,और जो इसमें फिट नही है वह सब कुछ हो सकता है लेकिन सफल नही हो सकता! ऐसी मान्यताओं के कटघरे में हमने अपने आपको क़ैद कर लिया है। समाज का यही प्रमाण पत्र है।

ज़िन्दगी में वस्तुनिष्ठता इस कदर हावी हो रही है कि वह हमारे अंदर रचनात्मकता के बीज को अंकुरित ही नही होने देती।हम तात्कालिकता के शिकार हो गए हैं। सांप-सीढ़ी का खेल याद है आपको।तो आपको निन्यानबे पर बैठा सांप भी याद होगा, जो अगर काटता है तो फिर टॉप पर पहुंचा खिलाड़ी भी कैसे बिखर सा जाता है! अंकपत्रों में लड्डू की तरह बंट रहे नम्बर किसी को उत्कृष्ट की श्रेणी में लाकर भले ही खड़े कर दे रहे हों लेकिन ज़िन्दगी के तमाम उतार चढ़ाव में ये अंकपत्र काम नही आते।

खैर हाल के वर्षों में इस सोच में काफी बदलाव आया है,लेकिन अभी भी हम अपनी शिक्षा प्रणाली में उसको लागू नही कर पा रहे।
शिक्षा सर्वांगीण विकास करने वाली होनी चाहिए, जबकी संख्यात्मक उपलब्धि केवल एकपक्षीय है।संख्यात्मक उपलब्धि से एक प्रोग्राम्ड इंसान विकसित हो रहा है।हमें इससे बचना होगा।हमें जीवन मे संतुलन चाहिए, और चार सौ निन्यानबे एक असंतुलन है।

(हां उन बच्चों के प्रतिभा पर मुझे कोई शक नही।)

डीएसपी, अभिषेक प्रकाश के फेसबुक वाल से 

संवाददाता

Pooja singh

Police Media News

Leave a comment