Others

जनता की सुनवाई न करने वाले अफसरों को भेजो घर, मैं खुद जनसुनवाई पोर्टल की निगरानी कर लूंगा- CM

जनता की सुनवाई न करने वाले अफसरों को भेजो घर, मैं खुद जनसुनवाई पोर्टल की निगरानी कर लूंगा- CM

लखनऊ में शुक्रवार शाम आयोजित जनसुनवाई और सीएम हेल्पलाइन पोर्टल की समीक्षा बैठक में सीएम का जमकर गुस्सा फूटा। पिछले एक साल से समाधान की बाट जोह रही जनसुनवाई पोर्टल और सीएम हेल्पलाइन पर आई समस्याओं को लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ ने तल्ख लहजे में नाराजगी जाहिर की । इस दौरान सीएम ने दो टूक कह दिया कि एक साल से समस्या का समाधान नहीं करने वाले पुलिस अफसरों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति देकर घर भेज दिया जाए।  जनता की सुनवाई नहीं करने वालों के लिए सरकार और विभागों में कोई जगह नहीं है। मुख्यमंत्री ने यहां तक कह दिया कि वे खुद ही पोर्टल की निगरानी करेंगे। उन्होने कहा कि  अनावश्यक रूप से समस्या को लंबित रखने वाले अफसर और कर्मचारी अब कतई बख्शे नहीं जाएंगे।

जानिए पूरा मामला

आपको बता दें कि शुक्रवार शाम लोक भवन में आयोजित बैठक और वीडियो कांफ्रेंसिंग  में सामने आया कि अलीगढ़ में जनसुनवाई पोर्टल और सीएम हेल्पलाइन पर आई समस्याओं के मामले सबसे ज्यादा पाए गए। दरअसल जिलाधिकारी और एसएसपी ने फरियादियों की सुनवाई की ही नहीं । इस बात की जानकारी होते ही सीएम की भौहें तन गई फिर क्या था सीएम के कोप का भाजन जिलाधिकारी और एसएपी को होना पड़ा। और सीएम ने एसपी और जिलाधिकारी से नाराजगी जाहिर कर जवाब तलब भी किया। गौरतलब है कि अमेठी में भी समय पर समस्या की सुनवाई नहीं किए जाने पर जिलाधिकारी की भी क्लास लग गई।

सीएम ने कानपुर पुलिस महानिरीक्षक की कार्यशैली से जाहिर की नाराजगी

वहीं जनसुनवाई पोर्टल पर दर्ज कानपुर पुलिस से संबंधित एक शिकायत की एक साल से सुनवाई नहीं होने पर सीएम योगी ने डीजीपी ओपी सिंह की मौजूदगी में कानपुर के पुलिस महानिरीक्षक की कार्यशैली से नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि जो अफसर एक साल से सुनवाई नहीं कर रहे हैं उन्हें अनिवार्य सेवानिवृत्ति देकर घर भेज दिया जाए, ऐसे लोगों के लिए विभाग और सरकार में कोई जगह नहीं है।वहीं मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला स्तर पर सुनवाई नहीं होने पर फरियादी को राजधानी तक आना पड़ता है। उन्होंने सभी अपर मुख्य सचिव और प्रमुख सचिवों को प्रत्येक सप्ताह दस-दस फरियादियों से फोन पर बात कर समस्या और शिकायत के निस्तारण पर बात करने के निर्देश दिए। सीएम ने आगे कहा कि सुनवाई की प्रमाणिकता तब तय होगी जब फरियादी लखनऊ आना कम करेंगे। उन्होंने कहा कि समस्या का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सरकार की प्राथमिकता है।

OTHER VIDEO :

एक भी पात्र व्यक्ति पेंशन से नहीं रहना चाहिए वंचित 

वहीं मुख्यमंत्री ने व्यक्तिगत जनसुनवाई, जनसुनवाई पोर्टल और सीएम हेल्पलाइन पर पेंशन से जुड़े मामले सबसे ज्यादा आने पर समाज कल्याण विभाग से भी नाराजगी जाहिर की। मुख्यमंत्री ने विभाग के प्रमुख सचिव मनोज सिंह को दो टूक कह दिया कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति को पेंशन दिलाना विभाग की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि अगर कोई पात्र व्यक्ति आवेदन करने में समक्ष नहीं है तो विभाग खुद आवेदन कराकर पेंशन दिलाए। उन्होंने कहा कि एक भी पात्र व्यक्ति पेंशन से वंचित नहीं रहेगा।

लेखक

Sandhya mishra

Police Media News

Leave a comment