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एसपी शामली अजय कुमार की वॉल से --- 'असली परीक्षा तो अब है'...

एसपी शामली अजय कुमार की वॉल से --- 'असली परीक्षा तो अब है'...

यूपी हाईस्कूल और इण्टरमीडिएट के परीक्षाफल घोषित किए जा चुके हैं। वहीं इन परीक्षाओं में जहां कुछ बच्चों ने अच्छे नंबरों पाए तो कुछ को उम्मीद के मुताबिक अंक हासिल नहीं हुए वहीं कुछ असफल भी हुए। ऐसे में शामली एसपी अजय कुमार ने परिक्षा में असफल रहे या कम अंक प्राप्त करने वाले छात्र-छात्रों को हिम्मत न हारने और हमेशा प्रयत्न करते रहने की प्रेरणा देते हुए अपनी फेसबुक वॉल पर एक लेख पोस्ट किया है। 

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जानिए पूरी खबर 

आपको बता दें कि हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाओं में असफल रहे छात्र-छात्राओं के लिए खासतौर पर एसपी शामली अजय कुमार ने अपनी फेसबुक वॉल पर एक पोस्ट लिखा है। इस पोस्ट के जरिए एसपी ने असफल विद्यार्थियों या कम अंक हासिल करने वाले विद्यार्थियों को हमेशा सकारात्मक सोच बनाए रखने के लिए प्रेरित किया है। 

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एक नजर एसपी अजय कुमार द्वारा लिखे गए पोस्ट पर

यद्यपि हाईस्कूल व इण्टरमीडिएट के परीक्षाफल आ चुके हैं...
पर, बहुतों के लिए असली परीक्षा की घड़ी अब शुरू हुई है। यह परीक्षा है उनके-
-धैर्य की
-सहनशीलता की
-आत्मविश्वास की
ऐसा लिखने और कहने की ज़रूरत इसलिए पड़ी कि इसकी ज़रूरत ख़ास तौर पर उन युवकों और युवतियों के लिए बहुत ज़्यादा है जो—
-परीक्षा में किन्हीं कारणों से असफल हो गए हैं; या
-सफल तो हुए हैं पर कम अंक प्राप्त किए हैं; या
-जितनी उनकी और उनके घर वालों की उम्मीदें थी उतना नहीं प्राप्त कर सके हैं।
मेरी ऐसे तमाम छात्र-छात्राओं और उनके माता पिता से अपील है कि भावुकता में कदापि ना बहें। सफलता-असफलता, हार-जीत यह सब तो जीवन और मृत्यु की तरह अटल है। इस दुनिया में ऐसा कोई ना हुआ है जो सदैव ही जीतता रहा हो, सदैव ही विजयी रहा हो। हर कोई....दोबारा कहूँगा...हर कोई कभी ना कभी या कई-कई बार हारता है तब जाकर उसकी जीत मुकम्मल होती है। यही सच है।
पर, हम सभी के सामने जीत की कहानियाँ ही ज़्यादातर परोसी जाती हैं। हार की गाथाएँ बहुत कम आ पाती हैं। परन्तु हार की गाथाओं से बहुत कुछ सीखा जा सकता है। उनका महत्व क़तई कम नहीं है।

जीत की गाथाएँ पढ़ते सुनते हमारे 15-18 वर्ष उम्र वर्ग के मासूम छात्र-छात्राएँ कई बार हार या असफलता को सही तेवर में, सही भाव में और सहजता से नहीं ले पाते हैं और भटक कर ग़लत फ़ैसले ले लेते हैं जोकि उनके, उनके परिवार और सम्पूर्ण समाज के लिए घनघोर पीड़ादायक हो जाता है।

IPS में आने से पहले मैं भी बहुत बार असफल हुआ हूँ। एक बार दुख तो होता ही है, परन्तु उस दुख को अपनी ऊर्जा, अपनी ताक़त और जीतने की ज़िद बना लेने की ज़रूरत होती है। फिर से मेहनत करने की ज़रूरत होती है; अपने में सुधार कर फिर से आगे बढ़ने की ज़रूरत होती है। सफलता एक न एक दिन ज़रूर मिलती है, इसमें कोई शक ही नहीं है।

मेरे सभी छोटे भाई-बहनों से अपील है कि हार को सकारात्मक ढंग से लें; लोगों की अनर्गल बातों को, तानों और टिप्पणियों को अनसुना कर दें। हतोत्साहित करने वालों से दूर रहें और अपने में सुधार कर आगे बढ़ जाएँ। समय और जीवन अनमोल है, इसे क़तई बर्वाद ना करें। सुनहरा भविष्य आपका इंतज़ार कर रहा है...उससे मिलने के लिए पूरी ऊर्जा और लगन से कड़ी मेहनत करें। शुभकामनाएँ !!

बारम्बार आशीर्वाद और शुभकामनाएँ !!

अजय कुमार, आई पी एस। एसपी शामली।

संवाददाता

Ankit Tailor

Police Media News

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