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एसपी बलरामपुर के फोन से नहीं हुआ था फॉरवर्ड बुलंदशहर वाला मैसेज !

एसपी बलरामपुर के फोन से नहीं हुआ था फॉरवर्ड बुलंदशहर वाला मैसेज !


एक तरफ बुलंदशहर गोकशी के नाम पर हुई हिंसा में धधक रहा था तो इसी बीच बुलंदशहर से 500 किलोमीटर दूर बलरामपुर के एसपी के सरकारी मोबाइल फोन से फॉरवर्डेड एक वॉट्सऐप मैसेज  सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा था। एसपी की तस्वीर के साथ उनके सरकारी नंबर से वायरल हुआ मैसेज आग में घी का काम करने के लिए काफी था लेकिन बाद में एसपी  बलरामपुर ने सफाई देते हुए कहा कि उन्होने किसी भी तरह का भड़काने वाले मैसेज फॉरवर्ड नहीं किया था

जानिए पूरा मामला  

बुलंदशहर के स्याना थाने के इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की हत्या में कड़ी दर कड़ी जुड़ती जा रही है आरोपियो के चेहरे से नाकाब उतरता जा रहा है । जानकारी के मुताबिक बुलंदशहर में गोकशी के नाम पर भड़ी हिंसा में बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद और बीजेपी यूथ विंग के कार्यकर्ता शामिल बताए जा रहे हैं। एफआईआर में इनके नाम दर्ज हैं। वहीं  मुख्य आरोपी योगेश राज का संबंध बजरंग दल और वीएचपी से बताया जा रहा है। एक आरोपी शिखर अग्रवाल भारतीय जनता युवा मोर्चा का स्याना का नगर अध्यक्ष है।  एफआईआर साफ-साफ दर्शा रही है कि इन नेताओं की अगुवाई में ही इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह पर  हमला बोला गया। उन पर लाठी-डंडे चलाए गए और फिर उनकी आंख में गोली मारकर हत्या कर दी गई। एक तरफ ये सब घटनाक्रम चल रहा था तो वहीं बलरामपुर एसपी के सरकारी फोन से एक ऐसा मैसेज वायरल हो रहा था जो हिंसा और भड़का सकता थादरअसल इस मैसेज में लिखा था कि सुबोध कुमार सिंह की हत्या गोकशी करने वालों ने की है। फेसबुक पर एसपी बलरामपुर अमित कुमार की तस्वीर के साथ एक वॉट्सऐप पोस्ट वायरल हो रही है।इसमें उनके सीयूजी यानी सरकारी नंबर से एक मैसेज फॉरवर्डेड दिख रहा है। मेसेज में लिखा है – बेहद ही दुखद!! निडर स्याना कोतवाल ठाकुर सुबोध कुमार सिंह आज सिगराती गांव में गौकशी की सूचना पर गए थे, जहां पर गौकशी करने वाले हरा*** ने कोतवाल पर हमला बोल दिया, जिसमें एक लड़के की भी मौत हो गई. साथ ही कोतवाल सुबोध कुमार…

एसपी बलरामपुर ने रखा अपना पक्ष

बहरहाल एसपी के वायरल पोस्ट के बाद फेसबुक पर कई लोगों ने आपत्ति जताई और फिर इस वॉट्सऐप पोस्ट और सोशल मीडिया पर एसपी के विरोध को लेकर मुहिम सी चल उठी। वहीं एसपी बलरामपुर अमित कुमार का कहना है कि वो एक ट्रेनिंग प्रोग्राम में शामिल होने के लिए शहर से बाहर थे। उस वक्त सीयूजी नंबर कोई और इस्तेमाल कर रहा था।इसी दौरान उस नंबर पर ये मैसेज आया। उन्होने बताया कि जो मातहत सरकारी मोबाइल यूज कर रहे थे, वो इस मैसेज को एसपी अमित कुमार को भेजकर ये बताना चाह रहे थे कि ऐसे मैसेज फैल रहे हैं। लेकिन गलती से वो मैसेज एक ग्रुप में चला गया।  इसे फिर डिलीट भी कर दिया गया था। एसपी मित कुमार ने बताया कि वे इस बारे में डिपार्टमेंट के आला अफसरों को पहले ही जानकारी दे चुके थे

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खबर बनारस ग्रुप के मेंबर ने भी एसपी की बात को सही ठहराया

वहीं बाद में वॉट्सऐप पर जिस ‘खबर बनारस’ नाम के एक ग्रुप में ये मैसेज आया था उसके भी एक ग्रुप मेंबर ने वहीं बात कही जो एसपी बलरामपुर अमित कुमार ने बताई थी। ग्रुप के सदस्य के मुताबिक ये मैसेज उस नंबर पर आया था और इसे किसी और ने फॉरवर्ड कर दिया था। कुछ देर में इसे डिलीट भी कर दिया गया था। मगर तब तक किसी ने स्क्रीन शॉट ले लिया। और इसे वायरल कर दिया था आपको बता दें कि अमित कुमार 2013 बैच के आईपीएस अफ़सर हैं और हाल ही में 28 नवंबर को ही वे बलरामपुर के एसपी बनाए गए हैं।  मूल रूप से आज़मगढ़ के रहने वाले अमित कुमार ने मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है।

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लेखक

Anshul vajpayee

Police Media News

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