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एसडीएम अमित का ‘जेब्रा क्रॉसिंग प्लान’ तैयार

एसडीएम अमित का ‘जेब्रा क्रॉसिंग प्लान’ तैयार

उपजिलाधिकारी अमित पाल शर्मा ने  कैराना तहसील परिसर में नगर एवं क्षेत्र में स्थापित विद्यालयों के प्रबंधकों और प्रधानाचार्यो की बैठक लेकर उन्हें स्कूली वाहनों और चालकों से एक सप्ताह में सभी मानक पूरा करने के निर्देश दिए। एसडीएम ने कहा कि अब  अनफिट और खटारा वाहन स्कूली बच्चों को नहीं ले जा सकेंगे। इस संबंध में एसडीएम ने स्कूल संचालकों की बैठक लेकर प्लान तैयार किया है। एआरटीओ से भी स्कूली बसों की फिटनेस चेक करने को कहा है। इसके लिए आज कैंप लगेगा। एसडीएम ने स्कूलों के संचालकों को चेतावनी देते हुए कहा कि खटारा वाहन तुरंत हटा दें। चेकिंग में खटारा वाहन मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
 

स्कूली वाहनों की रफ्तार पर ब्रेक के लिए जेब्रा क्रॉसिंग प्लान तैयार

सरपट दौड़ने वाले स्कूली वाहनों की रफ्तार पर ब्रेक लगाने के लिए प्रशासन ने ऑपरेशन जेब्रा क्रॉसिंग प्लान तैयार कर लिया है। एसडीएम ने व्यवस्था लागू करने के मकसद से नगर के प्राइवेट स्कूल संचालकों की तहसील परिसर में बैठक ली। बैठक में एआरटीओ ने स्कूल संचालकों को यातायात नियमों से रूबरू कराया तो एसडीएम ने गोल्डन रंग को छोड़ बाकी गैस किट लगी गाड़ियां, अनफिट गाड़ियां और टैम्पू पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए हैं। सोमवार को उपजिलाधिकारी डॉ अमित पाल शर्मा ने नगर के प्राईवेट संचालकों की तहसील मुख्यालय पर बैठक बुलाई थी ।इस बैठक में एसडीएम ने कहा कि सड़क हादसों की ज्यादातर वजह वाहनों की तेजगति होती है। हमे अपनी रक्षा की जिम्मेदारी खुद लेनी चाहिए.

केवल गोल्डन रंग के वाहनों का होगा संचालन

एसडीएम ने स्कूल संचालकों को ऑप्रेशन जेब्रा क्रॉसिंग प्लान के बारे में अवगत कराते हुए कहा कि इसमे वाहनों की रफ्तार धीमी रहती है, जिससे हम अपने अनमोल जीवन को बचा सकते हैं। एआरटीओ मंशीलाल ने स्कूल संचालकों को यातायात नियम के बारे में बताते हुए कहा कि स्कूलों में केवल गोल्डन रंग के ही वाहनों का संचालन हो सकता है। बीमा, कागजात, और मानक पूरे करने जरूरी हैं। वहीं एसडीएम ने हिदायत दी कि गाड़ी चालक के पास खुद का डीएल होना चाहिए। वाहन के सभी कागजात भी साथ रहने चाहिए। वाहनों में साइडों में ग्रिल, फायर सिलेंडर, सीट बेल्ट और चालक के अलावा परिचालक भी रखने होंगे। साथ ही, वाहनों के पीछे स्कूल, प्रधानाध्यापक, पुलिस कंट्रोल रूम का नंबर लिखवाएं। अगर हो सके तो एआरटीओ का नंबर भी दिया जा सकता है ताकि इमरजेंसी या तेज दौड़ने पर आम व्यक्ति उन नंबरों पर सूचित कर सके।

नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों के  खिलाफ कानूनी कार्रवाई

वहीं एसडीएम ने हिदायत दी कि  गाड़ी चालक के पास खुद का डीएल होना चाहिए। वाहन के सभी कागजात भी साथ रहने चाहिए। वाहनों में साइडों में ग्रिल, फायर सिलेंडर, सीट बेल्ट और चालक के अलावा परिचालक भी रखने होंगे। साथ ही, वाहनों के पीछे स्कूल, प्रधानाध्यापक, पुलिस कंट्रोल रूम का नंबर लिखवाएं, यदि हो सके तो एआरटीओ का नंबर भी दे सकते हैं ताकि इमरजेंसी या तेज दौड़ने पर आम व्यक्ति उन नंबरों पर सूचित कर सके। एसडीएम ने कहा कि स्कूल संचालक ये सुनिश्चित कर लें कि स्कूल में बच्चों को लाने और ले जाने के लिए कोई भी ऐसा वाहन का संचालन न हों, जो मानक में नहीं। उन्होंने कहा कि स्कूली गाड़ियों पर नशेड़ी चालक न रखे जाएं। सख्त हिदायत दी कि स्कूल संचालक अपने वाहनों के सभी चालकों को बता दें कि ड्राइविंग करते समय ईयरफोन व मोबाइल का इस्तेमाल न करें। यदि चेकिंग में कोई चालक ऐसा करता मिला तो उस पर सख्त कानूनी कार्रवाई होगी। 

सात दिनों के अंदर मानक पूरे करने के निर्देश

इसके साथ ही उन्होने निर्देश दिया कि सड़क पर ड्राइविंग के समय उचित दूरी बनाए रखें। उन्होने कहा कि ई-रिक्शा, थ्री व्हीलर, गैस किट लगे वाहन और गोल्डन कलर से अलग की गाड़ी मान्य नहीं होगी। उन्होने स्कूल संचालकों को सात दिनों के अंदर मानक पूरे करने के निर्देश दिए हैं। बैठक में तहसीलदार रनबीर सिंह, सीएचसी अध्यक्ष डॉ भानु प्रकाश मौजूद रहे। 

सड़क सुरक्षा, जीवन रक्षा’ पुस्तक बांटी गई  

बैठक के दौरान स्कूल संचालकों को शासन की और से भेजी गई सड़क सुरक्षा, जीवन रक्षा पुस्तकें भी वितरित की गई। पुस्तकों में बाइक और स्कूटर पर चलते वक्त हेलमेट, कार चालक और सहयात्री सीट बेल्ट का प्रयोग करें। नशे और  नींद की स्थिति में वाहन न चलाने, पैदल यात्री हमेशा जेब्रा क्रॉसिंग से सड़क पार करने और वाहन को हमेशा अपनी साइड में चलाने आदि से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दी गई है। 

वीएसपी कॉलेज में कैंप आज 

एसडीएम के निर्देशानुसार आज स्कूली वाहन चालकों का मेडिकल परीक्षण और वाहनों की जांच हेतु मंगलवार सुबह दस बजे विजय सिंह पथिक राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में कैंप लगाया गया है जिसमें एआरटीओ द्वारा स्कूली वाहनों की फिटनेस की जांच और सीएचसी अधीक्षक द्वारा स्कूली गाड़ियों के चालकों का मेडिकल परीक्षण कर उन्हें सर्टिफिकेट दिए जा रहे हैं इसके अलावा मानक पूरा नहीं करने वाले स्कूली संचालकों के खिलाफ कार्रवाई भी की जा रही है.

लेखक

Mahima shukla

Police Media News

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