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मोस्ट वांटेड गैंगस्टर अंकित भादू को पुलिस ने किया एऩकाउंटर में ढेर

मोस्ट वांटेड गैंगस्टर अंकित भादू को पुलिस ने किया एऩकाउंटर में ढेर

गुरूवार को पुलिस ने राजस्थान और पंजाब में अपराध की दुनिया का बेताज बादशाह माने जाने वाले गैंगस्टर अंकित भादू को एनकाउंटर में मार गिराया। आपको बता दें कि राजस्थान और पंजाब पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में अकिंत मारा गया है। वहीं एनकाउंटर में अंकित के दो साथियों को भी गोली लगी हैं।  

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जानिए पूरा मामला

गुरुवार शाम पंजाब और राजस्थान के 22 मुकदमों में वांछित शेरेवाला निवासी गैंगस्टर 25 वर्षीय अंकित भादू पंजाब में मोहाली के निकट जीरकपुर में एनकाउंटर के दौरान मारा गया। वहीं उसके दो साथी गोली लगने से घायल हो गए  जिन्हें पंजाब पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आपको बता दें कि गुरूवार सुबह ही डीजीपी द्वारा राजस्थान में आनंदपाल के बाद मोस्ट वांटेड अपराधी बन चुके अंकित भादू पर एक लाख रुपए का ईनाम घोषित किया गया था और शाम तक पुलिस ने उसे एनकाउंटर में ढेर कर दिया। गौरतलब है कि पिछले साल मई में श्रीगंगानगर में हिस्ट्रीशीटर जॉर्डन उर्फ विनोद चौधरी पर ताबड़तोड़ फायिरंग कर उसकी हत्या कर देने के मुख्य आरोपी अंकित भादू का पुलिस कई दिनों से पीछा कर रही थी। गैंगस्टर अंकित के खिलाफ हत्या, लूट, रंगदारी जैसे कई गंभीर मामले राजस्थान और पंजाब राज्यों में दर्ज हैं। वहीं अकेले राजस्थान में ही अंकित के खिलाफ एक दर्जन से ज्यादा मामले दर्ज थेष पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए सीआई नरेंद्र पूनिया की अगुवाई में एक स्थायी टीम भी बना रखी थी। 

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कुख्यात अंकित के मारे जान पर पंजाब में युवको ने फोड़े पटाखे

आपको बता दें कि गैंगस्टर अंकित भादू श्रीगंगानगर में पहली बार तब चर्चा में आया, जब उसने दिसंबर 17 में सीआई भूपेंद्र सोनी के भांजे पंकज की लालगढ़ क्षेत्र में हत्या कर दी थी। इस हत्याकांड को अंजाम देने के पांच महीने बाद ही उसने श्रीगंगानगर के हिस्ट्रीशीटर जॉर्डन की जिम में घुसकर हत्या कर दी। दरअसल, लारेंस गैंग खासकर अंकित की श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़ बेल्ट पर नजर थी और यहां वो अपनी दहशत कायम कर व्यापारियों से मोटी रकम वसूलना चाहता था। श्रीगंगानगर में अरोड़वंश मंदिर ट्रस्ट के पूर्व प्रधान जोगेंद्र बजाज, बिहाणी शिक्षण न्यास के अध्यक्ष जयदीप बिहाणी, व्यापारी राकेश नारंग तथा सादुलशहर कारोबारी महावीर काकडि़या से उसने 25-25 लाख रुपए की फिरौती भी मांगी थी। आपको बता दें कि  पंजाब में अंकित के एनकाउंटर में मारे जाने की खबरों के बाद यहां शहर के मोहरसिंह चौक पर युवकों ने पटाखे बजाकर खुशी मनाई। गौरतलब है कि जॉर्डन इसी इलाके का रहने वाला था, जिसकी अंकित भादू ने हत्या की थी। 

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पिता करते थे इकलौते बेटे अंकित से नफरत

आपको बता दें कि एनकाउंटर में मारा गया कुख्यात अंकित भादू का अबोहर तहसील के शेरेवाला गांव निवासी किसान परिवार में जन्म हुआ था। वो अबोहर स्थित डीएवी कॉलेज में बीए करने गया तब कॉलेज में छात्र राजनीति कर रहे लॉरेंस बिश्नोई के स्टूडेंट ऑर्गनाइजेशन ऑफ पंजाब यूनिवर्सिटी ग्रुप से प्रभावित होकर वो गैंग में शामिल हो गया। पंजाब में मारपीट, फिरौती, जानलेवा हमले, डकैती और हत्या आदि में लगातार सक्रिय रहने से पंजाब पुलिस का वांटेड हो गया। आरोपी ने खुद को सोपू ग्रुप का राजस्थान इकाई का स्वयंभू प्रदेशाध्यक्ष तक घोषित किया हुआ था।  वहीं जवाहरनगर थाना प्रभारी प्रशांत कौशिक के मुताबिक उसके पिता शिवप्रसाद भादू उससे बहुत दुखी थे। अपने इकलौते अपराधी बेटे के प्रति उनकी नफरत इतनी ज्यादा थी कि पुलिस जब बार बार उसकी तलाश में शेरेवाला स्थित घर जाती थी तो वे यही कहते थे कि अगर अंकित को मार दो तो उसे मेरे घर मत लेकर आना। 

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ऐसे दिया गया कुख्यात अपराधी के एनकाउंटर को अंजाम

गैंगस्टर अंकित भादू ने 6 फरवरी को ही बहादुरगढ़ हरियाणा में एक व्यापारी की हत्या कर लूट की थी। 23 नवंबर को भी आरोपी ने अंबाला में एक व्यापारी को गोली मारकर हत्या के साथ लूट की थी। बहादुरगढ़ में हत्या के बाद आरोपी चंडीगढ़ भाग निकला था। तब से पंजाब की ओकू टीम उसके पीछे थी। और गुरूवार शाम जीरकपुर के पीरमुछल्ला में महालक्ष्मी सोसायटी में  करीब सवा 6 बजे ओकू की टीम ने डीएसपी विक्रम बराड़ की अगुवाई में भादू को घेर लिया। तीसरी मंजिल के फ्लैट में रह रहे भादू को जब घेरा गया तो उसने दरवाजा नहीं खोला। पुलिस वाले दरवाजा तोड़ने लगे। अंदर अंकित भादू, गुड़गांव मर्डर केस का आरोपी गैंगस्टर जर्मन सिंह और गिंदा काना मौजूद थे। अंकित अपनी बालकानी में गया और दूसरी मंजिल के फ्लैट में छलांग लगाकर यहां रह रहे पीयूष पराशर के घर में घुस गया। उनकी 6 साल की बच्ची अक्षिता को किडनैप कर लिया और बालकनी में लाकर पुलिस को धमकाने लगा कि अगर गोली चलाई तो वो बच्ची को मार देगा। इसी बीच ओकू के कमांडो ने पहले तीसरी मंजिल का दरवाजा तोड़ा और फिर अंदर छिपे जर्मन और गिंदा काना को दबोच लिया। डीएसपी बराड़ नीचे खड़े अंकित से बात कर उसका ध्यान अपनी ओर खींचते रहे। इसी बीच दो कमांडों ने तीसरी मंजिल से दूसरी मंजिल पर खड़े अंकित पर छलांग लगा दी। अंकित नीचे गिर गया और फिर पुलिस ने उस पर गोलियां चलाई। अंकित ने बच्ची पर भी गोली चला दी लेकिन बच्ची बच गई ।उसने दोबारा फायर किया तो एएसआई सुखविंदर सिंह की जांघ में गोली लग गई। इसी बीच पुलिस की फायरिंग में कुख्यात अपराधी का अंत हो गया। वहीं छर्रे लगने से मासूम बच्ची भी घायल हो गई। घायल एसआई सुखविंदर सिंह और बच्ची को अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। दोनों की हालत खतरे से बाहर है। महालक्ष्मी सोसायटी के तीसरी मंजिल पर भादू अपने दो साथियों के साथ पिछले तीन महीने से रह रहा था। इस मुठभेड़ में हुई क्रॉस फायरिंग के दौरान करीब 80 राउंड फायर हुए हैं।

लेखक

Sandhya mishra

Police Media News

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