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पीलीभीत सामूहिक हत्याकांड, पहले सुनाए किस्से कहानियां फिर दूध पिलाकर ली जान

पीलीभीत सामूहिक हत्याकांड, पहले सुनाए किस्से कहानियां फिर दूध पिलाकर ली जान

उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में हुए सामुहिक हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस के मुताबिक इस मामले का मुख्य आरोपी इसी गांव का निवासी है। जिसने अपने दुश्मनों का फायदा उठाने के लिए हॉरर किलिंग की साजिश रच ड़ाली। पूजा पाठ के जिरिए उसने परिवार वालों को वशीभूत कर देर रात जहरीला दूध पिलाया जिससे पांचो की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने इस मामले में कुछ लोगो को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं अभी कुछ लोग फरार चल रहे है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही बाकी आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में लगी है।

जानिए क्या है पूरा मामला 

जानकारी के मुताबिक मामला पीलीभीत जिले के बेनीपुर गांव का है। बता दें कि गांव का निवासी नेमचंद भोजीपुरा में रेलवे में गेटमैन था। इसकी तैनाती स्थल के पास में ही आरोपी गुलशेरा का गांव खंजनपुर में थी। जहां पर दोनों की दोस्ती की शुरुआत हुई। गुलशेर पहले भी कई बार नेमचंद के घर पर भी आ चुका था। इसी दौरान नेमचंद ने प्लॉट के लिए घर पर लाखों की नकदी रखे होने की बात भी बताई। बातचीत के दौरान कई बार ये भी कहता था कि तंत्र विद्या के बारे में पूछा जिससे उसके गांव के दुश्मनों का बुरा हो जाए। वहीं टोने-टोटके पर नेमचंद पर भरोसा देखते हुए घर पर रखी नकदी को लूटने की साजिश रच डाली। जिसके बाद नेमचंद के घर पूजापाठ करने के बहाने पहुंच गया। गुलरेश और इकरार के साथ नेमचंद के घर पूजापाठ करने के बाहाने पहुंच गया। खाना खाने के बाद इकरार ने दूध में जहरीला पदार्थ मिलाकर सभी को प्रसाद के तौर पर पीने के लिए कहा। कुछ ही देर में सभी लोग बेहोश हो गए। परिवार वालों के बेहोश होने के बाद ये लोग घर में रखे पैसे लूटकर जाने लगे आचानक से नेमचंद अर्द्धबेहोशी की हालत में दोनों को छोड़ने के लिए कुछ दूर आया और बेहोश होकर गिर गया । वहीं मामले में परिवार के अन्य लोग साढ़े सात लाख की नकदी और एक लाख के जेवर लूटे जाने की बात कह रहे हैं वहीं गुलशेर सिर्फ पांच लाख रुपये ही हाथ लगने की बात कह रहा है ।
 

आरोपी का बयान सही नहीं

नेमचंद को लेकर आरोपी की ओर से कही गई बात को परिजनों ने सिरे से गलत बताया है। परिजनों के मुताबिक आरोपी खुद के बचाव के लिए गलत कहानी बताने गढ़ रहा है। परिजन इस बात को कह रहे है कि नेमचंद पढ़ा लिखा था। उसका तंत्र विद्या पर कोई विश्वास नहीं था।  नेमचंद के भाई नरेश और चेतराम के मुताबिक इस तरह की बात कहकर गुलशेर उनके परिवार की गांव में रंजिश कराने की चाल चल रहा है।

लेखक

Madhavi Tanwar

Police Media News

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