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लखनऊ शूटआउट का हुआ 'क्राइम सीन' रिक्रिएट

लखनऊ शूटआउट का हुआ 'क्राइम सीन' रिक्रिएट

राजधानी लखनऊ में हुए एप्पल कंपनी के एरिया सेल्स मैनेजर विवेक तिवारी हत्याकांड के रहस्य से पर्दा उठाने के लिए एसआईटी हर रोज नए-नए तरीकें आजमा रही है। इसी के चलते एसआईटीम ने हत्याकांड का नाट्यरूपांतरण भी किया ताकि सच्चाई का जल्द पता लगाया जा सके। विवेक तिवारी  हत्याकांड की असल सच्चाई पता लगाने के लिए एसआईटीम हर पहलू पर काम कर रह है और इसीलिए इस हत्याकांड के नाट्य रूपांतरण के लिए आरोपी सिपाहियों को लेकर रात पौने दो बजे एसआईटी टीम, प्रभारी आईजी सुजीत पांडेय के नेतृत्व में घटना स्थल पर पहुंची।पुलिस और फॉरेंसिक टीम का मेन फोकस इस बात पर रहा कि घटना के वक्त कितनी लाइट रही होगी। क्या उतनी लाइट में गाड़ी में बैठे लोग पहचान में आते हैं? क्या गाड़ी में बैठे हुए सिपाही की नेम प्लेट उस लाइट में अच्छी से पढ़ी जा सकती है। वहीं दोनों आरोपी सिपाहियों को इस दौरान अलग-अलग लाया गया ताकि पूछताछ में अगर उनकी बातें विरोधाभासी निकली तो उनका झूठ पकड़ में आ सके। 

आरोपी सिपाहियों से एसआईटी ने की पूछताछ

आपको बता दें कि विवेक तिवारी हत्याकांड के विवेचक और महानगर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक विकास कुमार पांडेय ने शनिवार शाम करीब छह बजे आरोपी बर्खास्त सिपाही प्रशांत चौधरी और संदीप कुमार को जेल से 48 घंटे की पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेकर आए। पहले दोनों सस्पेंड सिपाहियों को मेडिकल परीक्षण के लिए ले जाया गया। इसके बाद दोनों को महानगर कोतवाली लाकर घटनाक्रम से संबंधित सवाल-जवाब किए गए। पुलिस ने सिपाहियों को साथ लेकर क्राइम सीन के रीक्रिएशन की तैयारी पहले ही पूरी कर ली थी। देर शाम एसआईटी की टीम ने भी बर्खास्त सिपाहियों से पूछताछ की।


पहली बार एसआईटी के पास विवेचक और प्रत्यक्षदर्शी मौजूद

वहीं गौर करने वाली बात है कि पुलिस की कार्यशैली पर सवालिया निशान लगाने वाल इस हत्याकांड के 15 दिन बाद ये पहली बार है जब विवेचक और एसआईटी के पास वारदात की एकमात्र प्रत्यक्षदर्शी और मुख्य आरोपी मौजूद थे। इससे पहले पुलिस विवेक की सहकर्मी रही युवती के बयान के आधार पर ही अपनी पड़ताल कर रही थी।पूर्व सहकर्मी ने अपने बयानों से पुलिस को काफी उलझाया भी था। उसके बार-बार बयान बदलने से पुलिस किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच पा रही थी। अब आरोपी सिपाहियों के सामने आने के बाद कई सवालों के जवाब साफ होने की उम्मीद है।

इन सवालों से उठेगा पर्दा

  • कार खड़ी थी या सड़क पर धीरे-धीरे चली जा रही थी
  • जब कार खड़ी थी तो उसे किस एंगल में खड़ा किया गया था
  • कार की हेडलाइट्स जल रही थीं और खिड़कियां खुली थी या नहीं
  •  सिपाहियों के कार की तरफ आने की दिशा क्या थी
  • उन्होंने अपनी बाइक कार से कितनी दूरी पर खड़ी की, बाइक का मुंह किस तरफ था
  •  सिपाही जब कार की तरफ बढ़ रहे थे तो ये देख विवेक ने क्या किया
  • क्या सिपाहियों और विवेक के बीच झगड़ा हुआ था और क्या विवेक इस दौरान  कार से नीचे उतरे थे
  •  विवेक की पूर्व सहकर्मी के बायें हाथ में चोटें कैसे लगी
  •  सिपाहियों ने युवती को कार से नीचे खींचने की कोशिश तो नहीं की थी
  • विवेक कैसे कार लेकर भागे थे जो सिपाहियों की बाइक में टक्कर लग गई
  •  टक्कर लगने के बाद बाइक किस स्थिति में सड़क पर गिरी
  •  सिपाही के गोली चलाने का एंगल और दूसरी क्या थी और उस वक्त कार किस एंगल में थी
  •  विवेक के भागने के बाद सिपाहियों ने क्या किया

हत्यारोपी सिपाहियों का हो सकता है नार्को टेस्ट

वहीं पुलिस महानिरीक्षक सुजीत पांडेय ने बताया कि महानगर के प्रभारी निरीक्षक विकास कुमार पांडेय विवेक तिवारी हत्याकांड की विवेचना कर रहे हैं और विशेष जांच दल द्वारा सीबीआई की तर्ज पर विवेक तिवारी हत्याकांड की जांच की जा रही है। विवेचक और  विशेष जांच दल ने वादी, चश्मदीद और दूसरे गवाहों के बयान, घटनास्थल और दोनों वाहनों का निरीक्षण, सीसीटीवी फुटेज और दूसरे बिंदुओं पर छानबीन करके अहम जानकारी एकत्र की है।घटनाक्रम को लेकर गुत्थी सुलझाने के लिए हत्यारोपी बर्खास्त सिपाही प्रशांत चौधरी और संदीप कुमार का पुलिस कस्टडी रिमांड लिया गया है। दोनों को मौके पर ले जाकर पूछताछ की जाएगी। जरूरत पड़ी तो हत्याकांड की चश्मदीद से सामना कराया जाएगा। छानबीन में एकत्र जानकारी के आधार पर सवाल तैयार किए गए हैं।और अगर दोनों आरोपियों ने सच्चाई छिपाने की कोशिश की तो नार्को टेस्ट की कार्रवाई की जाएगी।

संवाददाता

Ankit Tailor

Police Media News

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