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शराब सिंडिकेट की कमर तोड़ने वाले एसपी अजय शंकर राय गोल्ड मेडल से होंगे सम्मानित

शराब सिंडिकेट की कमर तोड़ने वाले एसपी अजय शंकर राय गोल्ड मेडल से होंगे सम्मानित

उत्तर प्रदेश का मैनपुरी कभी शराब माफियाओं का गढ़ बना हुआ था लेकिन पिछले आठ महीनो में मैनपुरी की तस्वीर बदली –बदली सी नजर आने लगी है। दरअसल जिले  के पुलिस कप्तान अजय शंकर राय की शराब माफियों पर की गई ताबड़तोड़ कार्रवाइयों के बाद अब ये जिला शराब माफियों के चंगुल से आजाद नजर आ रहा है। 

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मई में संभाली मैनपुरी कार्यभार

एक मई 2018 को अजय शंकर राय ने मैनपुरी के पुलिस कप्तान की कुर्सी संभाली थी।ये वो वक्त था जब मैनपुरी शराब माफियाओं के चंगुल में जकड़ा हुआ था। लेकिन चार्ज संभालते ही पुलिस कप्तान अजय शंकर राय ने जिले को शराब माफिया मुक्त करने की ठान ली थी और फिर उन्होने जिले के सक्रिय शराब माफियाओं की जानकारी हासिल की। इस दौरान उन्हे पता चला कि पिछले एक दशक में कितने ही अधिकारी आए और कितने ही गए लेकिन कोई भी इन माफियाओं की लगाम कसने की हिमाकत न कर पाया। और फिर पुलिस अधीक्षक अजय ने इन माफियाओं को नेस्तनाबूत करने की योजनाओं को अमलीजामा पहनाना शुरू कर दिया। इसके बाद तो ताबड़तोड़ कार्रवाई कर बड़े-बड़े माफियाओं का माल पकड़ा जाने लगा। कप्तान के निर्देश पर पुलिस की कार्रवाई से बौखलाए शराब माफियाओं को अब धंधा समेटने की नौबत आ गई।

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1125 शराब माफिया हुए गिरफ्तार

आपको बता दें कि एसपी अजय शंकर राय के कार्यभार संभालने के बाद पिछले आठ महीनों में पुलिस ने 1125 शराब माफियाओं को गिरफ्तार किया है। इनमे बड़े माफिया और उनके गुर्गे शामिल हैं। वहीं 628 मामले दर्ज किए गए और 1.09 करोड़ कीमत की गैर प्रांतों से तस्करी कर लाई गई शराब को कब्जे में लिया गया। वहीं 90 वाहन पुलिस ने कब्जे में लिए जिन्हे जब्त करने की कार्रवाई चल रही है। गौरतलब है कि पुलिस अधीक्षक अजय शंकर राय के निर्देश पर पुलिस ने शराब माफियाओं के खिलाफ अलग-अलग थानों में गैंगस्टर एक्ट के 11 मामले दर्ज किए गए। इन सभी में बड़े माफियाओँ के खिलाफ कार्रवाई हुई। चार माफियाओं की संपत्ति की जांच हुई तो 14 करोड़ की संपत्तियां शराब तस्करी से कमाए जाने की पुष्टी हुई। जिन्हे पुलिस ने कार्रवाई कर जब्त कर लिया। 

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कई इनामियों की हुई गिरफ्तारी

वहीं एसपी ने पुराने फरार बंदियों के बारे में जानकारी की तो पता चला कि 15 साल पहले तक दर्ज हुए मामलों में वांछित अपराधी फरार चल रहे हैं। इन पर शिकंजा कसने के लिए इनाम की घोषणा की गई है। आपको बता दें कि पिछले  आठ महीने में ढाई हजार के सात, पांच हजार के 17, 10 हजार के नौ,15हजार के 15 और 25 हजार के 10 इनामी गिरफ्तार किए गए। वहीं यातायात संबंधी अपराधों को लेकर भी पुलिस अधीक्षक गंभीर दिखे। पिछले आठ महीनों में 3675 वाहनों का चालान हुआ। वहीं 87 लाख रूपये शमन शुल्क वसूला गया। 299 अवैध असलहाधारी, 37 अपराधी नशीले पदार्थों के साथ पकड़े गए। लूट, चोरी, छेड़खानी, छिनैती की वारदातों में भी पिछले साल की तुलना में काफी कमी आई है। 

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हर रोज रात में निकलते हैं गश्त पर

आपको बता दें कि जिले की कानून-व्यवस्था का जायजा लेने के लिए पुलिस अधीक्षक अजय शंकर राय हर रात खुद गश्त पर निकलते हैं। वे रात दो से तीन बजे तक गश्त के लिए भेजे गए पुलिसकर्मियों की बकायदा जांच करते हैं। वहीं वे इस दौरान अलग-अलग थानों का निरीक्षण भी करते हैं। थानों में लंबित विवेचनाओं, वांछितों, वारंटियों आदी की समीक्षा भी करते हैं। गश्त पर निकले सिपाहियों और उपनिरीक्षकों, होमगार्ड और जवानों से सीधा संवाद भी करते देखे जाते हैं। गौरतलब है कि अपने इसी कुशल व्यवहार के चलते पुलिस अधीक्षक अजय शंकर राय अपने पुलिसकर्मियों के काफी अजीज हैं।

लेखक

Nisha Sharma

Police Media News

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