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जानिए उन चार अफसरो के बारे में जिनकी वजह से देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी CBI हुई बदनाम

जानिए उन चार अफसरो के बारे में जिनकी वजह से देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी CBI  हुई बदनाम

मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रूख अख्तियार करते हुए न केवल सीबीआई के पूर्व अंतरिम निदेशक नागेश्वर राव के माफीनामे को अस्वीकार कर दिया बल्कि खूब फटकार भी लगाई। आपको बता दें कि चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि नागेश्वर राव ने साफ़ तौर पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवमानना की है। गौरतलब है कि पिछले काफी लंबे समय से सीबीआई के कई अफसर गंभीर आरोपों से घिरे हुए हैं तो ऐसे में बड़ा सवाल ये खड़ा होता है कि क्या सीबीआई देश की सबसे बदनाम एजेंसी हो चुकी है। चलिए एक नजर डालते हैं देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी सीबीआई के उन 4 चीफ पर जिनकी वजह से संस्थान पर दाग लगा है। 
 

जानिए पूरी खबर

पिछले काफी समय से देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी सीबीआई कुछ अफसरों की वजह से बदनामी का दाग झेल रही है। आपको बता दें कि सीबीआई की शान के खिलाफ काम करने वाले चार अफसर हैं। सबसे पहले बात करते हैं सीबीआई के पूर्व अंतरिम निदेश नागेशवर राव की। 

नागेश्वर राव

आपको बता दें कि नागेश्वर राव पर आरोप लगा है कि उन्होंने सीबीआई का अंतरिम निदेशक रहने के दौरान बिहार में बालिका गृह मामले की जांच कर रहे ए के शर्मा का तबादला किया था। गौरतलब है कि राव ने ये तबादला 17 जनवरी को न्यायालय की पूर्व अनुमति के बगैर किया था। इस वजह से प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई ने शीर्ष अदालत के पिछले दो आदेशों का उल्लंघन किये जाने को गंभीरता से लेते हुए राव के खिलाफ अवमानना का नोटिस भी जारी किया था। जिसके बाद राव ने बिना शर्त अपने किए की माफी भी मांगी लेकिन मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व अंतरिम निदेशक के माफीनामे को ठुकरा दिया। 

आलोक वर्मा

पूर्व सीबीआई चीफ आलोक वर्मा पर भी कई गंभीर आरोप लगे हैं। आपको बता दें कि वर्मा पर रिश्वतखोरी और कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही का आरोप लग चुका है। इस वजह से उन्हें पीएम मोदी की अध्यक्षता वाली उच्चाधिकार चयन समिति ने सीबीआई चीफ के पद से हटा दिया था। आलोक वर्मा पर आरोप है कि उन्होंने गुड़गांव में एक जमीन खरीदने के मामले में 36 करोड़ रुपए का लेनदेन किया था। साथ ही वर्मा पर आरोप है कि उन्होंने लालू प्रसाद से जुड़े आईआरसीटीसी मामले में एक अफसर को बचाने के लिए एफआईआर में जानबूझकर उसका नाम शामिल नहीं किया था।

रंजीत सिन्हा

रंजीत सिन्हा पर कोयला घोटाले की जांच में अपने पद का गलत तरीके से इस्तेमाल करने का आरोप लग चुका है। सुप्रीम कोर्ट पैनल ने इस बात का खुलासा किया था कि सिन्हा ने कोयला घोटाले की जांच को प्रभावित करने की कोशिश की थी।

राकेश अस्थाना

वहीं सीबीआई के स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना का नाम घूसकांड से सामने आया है। अस्थाना पर आरोप है कि उन्होंने हैदराबाद के व्यापारी सतीश बाबू सना को राहत देने के लिए रिश्वत ली थी। इस मामले में राकेश अस्थाना और देवेन्द्र कुमार पर एफआईआर भी दर्ज हुई थी।

लेखक

Nisha Sharma

Police Media News

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