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जानिए क्यों वाराणसी पुलिस देगी दो सगे भाइयों को 2 लाख का मुआवजा

जानिए क्यों वाराणसी पुलिस देगी दो सगे भाइयों को 2 लाख का मुआवजा

वाराणसी पुलिस को दो सगे भाइयों को अवैध हिरासत में रखना महंगा पड़ गया है। जानकारी के मुताबिक पुलिस को अब इन दोनों भाइयों को मुआवजे के तौर पर दो लाख रूपए देने पड़ेंगे। और खास बात ये है कि दोनो भाइयों को दिए जाने वाले दो लाख रूपयों की भरपाई दोषी पुलिसकर्मियों की तनख्वाह से काट कर की जाएगी।

जानिए पूरा मामला

गौरतलब है कि दो नवंबर, 2015 की शाम व्हाट्स ऐप पर एक मैसेज वायरल हुआ था। वायरल मैसेज से सामने आया था कि  वरुणा पुल स्थित अभिलाषा कॉलोनी निवासी सगे भाई शंकर यादव और बलराम यादव को कैंट थाने में इंस्पेक्टर रतन सिंह यादव ने14 दिन से अवैध हिरासत में रखा हुआ हैं। वहीं दोनों भाइयों के परिजनों का आरोप था कि फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर इंस्पेक्टर उनकी जमीन अपने नाम लिखाने का दबाव बना रहे था। मैसेज संज्ञान में आने के बाद तत्कालीन एसएसपी आकाश कुलहारी कैंट थाने पहुंचे थे और दोनों भाइयों का बयान वीडियो कैमरे के सामने दर्ज करा कर उन्हें उनके घर भेज दिया था। वहीं इस प्रकरण की शिकायत मानवाधिकार जननिगरानी समिति के महासचिव डॉ. लेनिन रघुवंशी के द्वारा राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग से की गई थी।

प्रदेश के गृह अनुभाग ने एसएसपी को मामले से संबंधित पत्र भेजा

वहीं आयोग को पुलिस की ओर से भेजी गई रिपोर्ट के अनुसार तत्कालीन इंस्पेक्टर और मौजूदा डीएसपी रतन सिंह यादव दोनों भाइयों को अवैध हिरासत में रखने के दोषी पाए गए और दंड स्वरूप उनकी चरित्र पंजिका पर प्रतिकूल प्रविष्टि दर्ज की गई है। इस पर डॉ. लेनिन ने दोनों भाइयों के मानवाधिकारों के उल्लंघन के लिए मुआवजे की मांग की थी। जिसके बाद राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के निर्देश पर प्रदेश के गृह (मानवाधिकार) अनुभाग के अनु सचिव ने वाराणसी एसएसपी को पत्र भेजा है। पत्र में कहा गया है कि दोनों भाइयों को दो लाख रुपये देकर भुगतान से संबंधित साक्ष्य 10 दिन के भीतर मानवाधिकार आयोग और प्रदेश सरकार को भेज दें। वहीं दोनों भाइयों को दिए जाने वाले दो लाख रुपये की भरपाई दोषी पुलिसकर्मियों की तनख्वाह से काट कर की जाएगी।

संवाददाता

Lalit Negi

Police Media News

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