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खाकी पर भारी पड़ी खादी, हटाए गए इंस्पेक्टर

खाकी पर भारी पड़ी खादी, हटाए गए इंस्पेक्टर

सत्ताधारियों का पुलिस कार्रवाई में कितना ज्यादा दखल है इसका ताजा मामला मेरठ में देखने को मिला है । जहां एक इस्पेंकटर को विधायक कि बात ना मानना भारी पड़ गया है । यूपी के मेरठ से भाजपा विधायक दिनेश खटीक और इंस्पेक्टर मवाना एमपी सिंह के ऑडियो प्रकरण की गूंज लखनऊ तक पहुंच गयी है । मामला मीडिया मे आने के बान आनन फानन में इंस्पेक्टर मवाना एमपी सिंह को चार्ज से हटा दिया गया है  

खाकी VS खादी 

दरअसल, इस ऑडियो ने खाकी और खादी को ‘कठघरे’ में खड़ा कर दिया है। विधायक ने इंस्पेक्टर को बलिया भिजवाने की धमकी दी तो इंस्पेक्टर ने जीडी साफ करने की बात तक कह डाली । सत्ताधारी विधायक का पुलिस कार्रवाई में दखल देना सिस्टम पर सवाल उठा रहा है। लेकिन ट्रांसफर की धमकी सुन इंस्पेक्टर भी विधायक के सामने नतमस्तक हो जाना भी अपने आप में एक बड़ा सवाल ख़डा करता है । शनिवार रात भाजपा विधायक संगीत सोम, दिनेश खटीक, सोमेंद्र तोमर और जिलाध्यक्ष शिवकुमार राणा एसएसपी आवास पहुंचे थे। करीब एक घंटा गुपचुप बात हुई थी। चर्चा है  कि ऑडियो प्रकरण को मैनेज करने को लेकर एसएसपी और विधायकों में बातचीत हुई । 
  

याद रखना बलियां भिजवा दूंगा..

ऑडियो में विधायक थाना प्रभारी को चेतावनी दे रहे थे कि आज की तारीख नोट कर लो। तुम्हारा तबादला बलिया करा दूंगा । विधायक कहतें हैं कि अगर मैने तबादला नहीं कराया तो मैं राजनीती छोड दूंगा । वहीं, थाना प्रभारी कह रहे हैं कि नौकरी करनी है तो बलिया में भी कर लेंगे । ऑडियो में विधायक ने इंस्पेकटर पर पैसे लेकर कार्रवाई करने का भी आरोप लगाया है । जिस पर इंस्पेकटर ने चैलंज देते हुए कहा कि अगर आप यह आरोप साबित कर देंगे तो मैं आज ही अपनी नौकरी से इस्तीफा देने को तैयार हूं । इंस्पेकटर ने कहा कि मैं अपने बच्चे की कसम खाता हूं की मैं रिश्वत नहीं लेता । इसके बाद विधायक यह कहकर कॉल काट देते हैं तुम जानो तुम्हें क्या करना है क्या नहीं ।

दबाव में आये इंस्पेकटर साहब

ऑडियो में विधायक आरोपी व्यक्ति को नहीं छोड़ने पर नाराजगी जताते हैं। इंस्पेक्टर मवाना को कहते सुना जा रहा है, 'महिला ने 377 की तहरीर दी है, मैंने किसी तरह मामले को शांति भंग में बदलवा दिया है। आरोपी को मजिस्ट्रेट के सामने पेशकर छुड़वा दिया जाएगा। विधायक का दबाव और ट्रासंफर का यह असर हुआ कि कानून के रखने बाले खुद ही कानून की धज्जियां उड़ाने को तैयार हो गये । विधायक दिनेश खटीक की धमकी के बाद इंस्पेकटर साहब बैकफुट पर आ गये और जीडी से मामले को रफा दफा करा देने तक की पेशकश कर डाली । विधायक ने जब कहा कि समझ लेना लेना कल को मुझसे मत कहना कि यह आपने क्या कर दिया । दबाव में आते हुए इंस्पेकटर ने कहा कि चलो आपकि जिद़ है तो मामले को मैं जीडी से ही डीलीट करा देता हूं । लेकिन मामले को निपटाने के लिए किसी को मेरे पास तो भेज दो । इंस्पेकटर मवाना एमपी सिंह  के अनुसार ईश्वर या ऑडियो वायरल करने वाला जानता है कि पूरे प्रकरण में मेरी कोई गलती नहीं है। मैंने ऑडियो वायरल नहीं किया है।  
 

एसएसपी का क्या है कहना 

एसएसपी राजेश कुमार पांडेय के मुताबिक मामला 13 अगस्त का है। पति-पत्नी के विवाद पर आरोपी पति को थाने ले आई। इस मामले में पत्नी ने तहरीर भी नहीं दी। हालांकि जांच में यह साफ हो गया था कि मामला केवल पति-पत्नी का सामान्य विवाद है। दोनों के बीच समझौता भी हो गया था। 

मुख्य संवाददाता

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