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यूपी पुलिस की जय और वीरू की जोड़ी

यूपी पुलिस की जय और वीरू की जोड़ी

ये दोस्ती हम नहीं तोड़ेंगे। जी हां शोले फिल्म के इस गाने के बोल की तरह यूपी पुलिस के दो दरोगा भी अपनी दोस्ती का हाथ थामे मैदान-ए-जंग में अपराधियों के छक्के छुड़ा रहे हैं। गाजियाबाद में तैनात जय और वीरू के नाम से मशहूर पुलिस महकमे के इन दरोगाओं ने एक साथ ना जाने कितनी वारदातों को अंजाम तक पहुंचाया। वर्दी के इन रखवालों ने अपनी दोस्ती के आड़े किसी को नहीं आने दिया। एक ही महकमे एक ही तरह के पद पर रहते हुए भी जलन का तिनका भी इनकी दोस्ती को छू नहीं पाया। आज ये दोनो दरोगा पुलिस महकमे के जय और वीरू के रूप में अपनी दोस्ती की मिसाल कायम कर हरदिल अजीज बने हुए हैं.


अपराधियों के गढ़ में घुसकर करते हैं खात्मा

गाजियाबाद में तैनात इंस्पेक्टर अंजनी सिंह और इंस्पेक्टर राजीव बालियान के लिए उनकी दोस्ती उनकी ईमान है उनकी जिंदगी है। वर्दी के ये रखवाले जहां रहे वहां दोनो ने अपनी बहादुरी के झंडे फहरा दिए। अपने देश की खातिर जिंदगी भी न्यौछावर करने को तैयार इऩ दोनो दोस्तों का हमेशा से एक ही मकसद रहा और वो अपराध का खात्मा। फिर इसके लिए सीने पर गोली भी खानी पड़े तो इऩ्हे गुरेज नहीं। आपको बता दें कि जिगरी दोस्त सब इंस्पेक्टर अंजनी और राजीव बालियान अपने अभी तक के करियर में ज्यादातर एक ही जगह पर तैनात रहे और जहां भी रहे वहां इन दोनों ने अपराधियों के घर में सेंध लगाकर उन्हे खदेड़ा और अपराध का खात्मा किया। 

2015 में हुई दोस्ती की शुरूआत

एक ही महकमें में रहते हुए जब दो अंजान लोग मिले तो यार बन बैठे वो भी जिगरी। इस जिगरी दोस्ती की शुरूआत का साल था 2015. दोनो इंदिरापुरम के थाने में मिले। बातों का सिलसिला शुरू हुआ और इस सिलसिले पर दोस्ती की बुनियाद तैयार हो गई। किस्मत भी शायद इन दोनो दोस्तो को मिलाने के लिए पूरा खाका तैयार किए बैठी थी। 2015 में दोनो गाजियाबाद के एक ही थाने में अलग-अलग पोस्ट पर तैनात रहे ।  2017 में भी इन दोनो दोस्तों की तैनाती गाजियाबाद के थाना विजयनगर में हुई।  थाना विजयनगर में तैनाती के दौरान जहां अंजनी सीमा चौकी इंचार्ज बायपास रहे तो वहीं कुछ दिनों बाद राजीव बालियान भी विजय नगर पहुंच गए.

दोनो दरोगाओं ने अपराधियों की जड़े हिला दी

2017 में अंजनी और राजीव को गाजियाबाद के पूर्व पुलिस अधीक्षक नगर आकाश तोमर की टीम में शामिल होने का मौका मिला। जय और वीरू की इस जोड़ी ने मौके पर चौका मारा और शहर से अपराधियों को खदेड़ने में काबिले तारिफ काम किया। करीब दर्जनभर मुठभेड़ों को अंजाम देने वाली टीम में दोनो दरोगा शामिल रहे। इन्होने गाजियाबाद पुलिस की हर बड़ी कार्रवाई में अपनी बहादुरी का परचम फहराया .

दोनो की साथ पोस्टिंग हुई

एक बार फिर दोनो दरोगाओं की पोस्टिंग गाजियाबाद के थाना साहिबाबाद में हुई। साहिबाबाद में सबसे पहले चौकी इंचार्ज सीमा के तौर पर अंजनी सिंह की पोस्टिंग हुई और फिर  कुछ दिनों बाद राजीव वालिया की पोस्टिंग भी साहिबाबाद में हो गई उन्हे चौकी सीमा का इंचार्ज बनाया गया । इसके बाद दरोगा अंजनी को चौकी इंचार्ज सीमा से तुलसी निकेतन बना दिया गया । आपको बता दें कि इस दौरान थाना साहिबाबाद ने करीब 7 मुठभेड़ो का सामना किया जिसमें इन दोनो दोस्तों ने अपनी जाबांजी से हर किसी को कायल कर दिया। और एक बार फिर हम साथ- साथ है की टैग लाइन पर अमल करते हुए इन दोनो दरोगाओं को 3 दिन पहले ही गाजियाबाद में इंदिरापुरम थाने की अलग-अलग चौकियों पर तैनात किया गया है। अंजनी सिंह को वैशाली का चौकी इंचार्ज बनाया गया है तो वहीं राजीव बालियान ने कौशांबी चौकी इंचार्ज का कार्यभार संभाला है.

मीडिया में चर्चित हैं दोनों दरोगा

ये दोनो दरोगा अक्सर अपनी दिलेरी का परिचय गाहे-बगाहे देते रहे हैं। आपको बता दें कि 2015 में अखिलेश सरकार में जिस समय एनकाउंटर का नामोनिशान भी नही था उस शुरूआती मुठभेड़ों के दौरान भी ये दोनो दरोगा एनकाउंटर टीम में शामिल रहे। लूट-खसोट, डकैती, चेन झपटमारी की घटनाओं पर नकेल कसने में भी इन दोनो दरोगाओं ने खूब तालियां बटोरने का काम किया। अधिकारियों के निर्देश मिलने के बाद इन्होने बेखौफ होकर बदमाशों की गोलियों का जवाब गोलियों से दिया जिसमे कई बदमाश घायल होकर अस्पताल के बिस्तर पर पहुंच गए। गाजियाबाद में अपराध और अपराधी इन दोनो दरोगा दोस्तों के आगे घुटने टेकने को मजबूर है । मीडिया में जय और वीरू के नाम से मशहूर पुलिस महकमे की इस जोड़ी का तो एक ही मकसद है जनपद से अपराध का पूरी तरह सफाया.

संवाददाता

Ankit Tailor

Police Media News

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