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गर्व से ऊंचा हुआ मां का सर, जब पुलिस कांस्टेबल की बेटी बनी IPS

गर्व से ऊंचा हुआ मां का सर, जब पुलिस कांस्टेबल की बेटी बनी IPS

समाज में हमारे आस-पास कई लोग होते हैं जिनसे हमें प्रेरणा मिलती है। लेकिन एक बेटी की पहली प्रेरणा श्रोत उसकी मां होती है। इसी तरह मां को पुलिस की वर्दी में देखकर डॉ पूजा ने भी उनसे प्रेरणा ली और IPS ऑफिसर बन गई। दिल्ली की रहने वाती डॉ पूजा की ने अपनी मां दिल्ली पुलिस में ASI रेखा गुप्ता का सपना पूरा कर मां का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया। 

प्रण बना रहा ताकत 

पूजा ने 2018 की UPSC परीक्षा में 147वीं रैंक प्राप्त करने वाली पूजा का कहना है कि 'जिस नौकरी में मां सबसे नीचे पद से आई थीं, मैंने ठाना था कि एक दिन इस नौकरी का सबसे बड़ा पद हासिल करूंगी। ये प्रण ही था जो मेरी ताकत बना रहा। फिर एक दंत विशेषज्ञ डॉक्टर बनने के बाद मैंने अलग ढंग से तैयारी करके ये पद पाया'। 

माता पिता ने ज़ाहिर की खुशी

डॉ पूजा का परिवार इंद्रलोक के पास त्रिनगर में रहता है। पूजा गुप्ता की मां ASI रेखा गुप्ता सिविल लाइंस कंट्रोल रूम में तैनात हैं। जिन्होंने कहा कि 'मेरा ये बच्चा ईश्वर का आशीर्वाद है। इसने हमेशा हमारा मान बढ़ाया। जब से पूजा कक्षा छह में आई अपनी ही स्कॉलरशिप से पढ़ रही है। इस पर पढ़ाई के लिए कभी भी प्रेशर बनाने की जरूरत नहीं पड़ी'। पूजा के पिता राजकुमार गुप्ता एक प्राइवेट नौकरी करते हैं। पूजा की सफलता पर कि उनका कहना है कि 'जब पूजा स्कूल में पढ़ती थी, तभी से वो पढ़ने में बहुत अच्छी रही है। वो दसवीं में इतने अच्छे नंबर से पास हुई तो सभी ने मुझे बधाई दी। मुझे उम्मीद थी कि वह क्लीयर कर लेगी, लेकिन इतने अच्छे की उम्मीद नहीं थी'। इनके अलावा पूजा गुप्ता की एक बहन भी है जो अभी पढ़ाई कर रही है। 

महिला अफसरों ने किया प्रभावित 

डॉ पूजा ने बातचीत के दौरान बताया कि ये उनका UPSC का पहला अटेंप्ट था। पहले अटेंप्ट में ही उन्हें 147 रैंक मिली है। रैंक के आधार पर उन्हें IPS पर ज्वाइनिंग मिलेगी। जबकि इससे पहले पूजा दिल्ली के ESI से 5 साल का डेंटिस्ट्री कोर्स कर चुकी हैं। डॉक्टरी करने के दौरान भी उन्होंने लगातार UPSC की तैयारी की। पूजा ने यह भी बताया कि 'मेरी मम्मी मेरे 147 रैंक लाने से बहुत ज्यादा खुश हैं। 'मैंने बचपन से मम्मी को वर्दी में देखा और महसूस किया कि लोग उनका वर्दी के चलते सम्मान करते हैं। इसके अलावा उन्हें दिल्ली पुलिस से काफी पुरस्कार मिले हैं, उनके काम को देखकर बहुत प्रभावित होती थी। खासकर महिला अफसरों ने मुझे बहुत प्रभावित किया। अब मैं इस पद पर जाकर महिलाओं के लिए काम करना चाहती हूं'।

संवाददाता

JYOTI MEHRA

Police Media News

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