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जनता की नजरों में हो पुलिस के लिए सम्मान और विश्वाश : आईपीएस यशवीर सिंह

जनता की नजरों में हो पुलिस के लिए सम्मान और विश्वाश : आईपीएस यशवीर सिंह


 
उत्तर प्रदश के गाजीपुर के पुलिस अधीक्षक यशवीर सिंह  पुलिस विभाग के उन अफसरों में जाने जाते हैं जिनसे अपराधी खौफजदा रहा है. गाजीपुर के कार्यभार संभालते हुई उन्होने एक के बाद एक कई ईनामी बदमाशों को हवालात पहुंचा दिया. गाजीपुर के कप्तान ने पुलिस मीडिया न्यूज़ से खास बातचीत में बताया कि उन्होने संकल्प लिया है कि गाजीपुर को माफिया बदमाशों से मुक्त कराकर ही दम लेंगे ।

 
कई ईनामी बदमाशों को को पहुंचा चुके हैं जेल


5 अगस्त 2018 को कप्तान यशवीर सिंह को गाजीपुर के नए कप्तान की जिम्मेदारी सौंपी गई थी. गाजीपुर का चार्ज संभालते ही उन्होने कई नामी बदमाशों को हवालात की हवा खिला दी. पुलिस मीडिया नयूज से बातचीत के दौरान यशवीर सिंह ने सपष्ट श्बदों में कहा कि उन्होने छोटे जनपद से लेकर बड़े जनपद में काम किया है और वो जानते हैं कि किस तरह से अपराधियों का सफाया करना है और उनके इसी अनुभव का लाभ गाजीपुर को जरूर मिलेगा.


जनपद से नेस्तनाबूत होंगे गिरोह


उन्होंने अपने विभाग के पुलिसकर्मियों को हिदायत दी है कि अपराधियों के भीतर पुलिस का इतना खौफ होना चाहिए कि वे किसी क्राइम को करने से पहले सौ बार सोचे कि इसका अंजाम क्या होगा. गौर करने वाली बात है कि  गाजीपुर जनपद माफिया डॉन मुख्तार अंसारी का गृह जनपद है और इसी जनपद से केंद्रीय रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा भी आते हैं. जनपद में अपराध का ग्राफ रंगदारी से लेकर रंजिशन हत्या तक का रहा है. इसी के मद्देनजर पुलिस अधीक्षक यशवीर सिंह का साफ शब्दों में कहना है कि जनपद से अपराध के सफाए के लिए इन माफिया गिरोह पर रोक नहीं बल्कि इनका जड़ से ही खात्मा होगा.

सख्त तेवर में हैं कप्तान यशवीर सिंह


जनपद के कप्तान यशवीर सिंह की कार्यशैली ने साफ कर दिया है वे जनपद से माफिया गिरोह का खात्म करके ही दम लेंगे. दरअसल ये गिरोह जनपद के माहौल को ना केवल बिगाड़ते हैं बल्कि जनता को खौफजदा करने के लिए आपराधिक घटनाओं को भी अंजाम देते हैं. बहरहाल यशवीर सिंह का कहना है कि वे भले ही पहली बार कप्तान का चार्ज संभाल रहे हैं लेकिन अपराधियों की नाक में नकेल कैसे डाली जाती है ये वे भली-भांति जानते हैं. फिलहाल कप्तान साहब के  सख्त तेवर देख कर अभी तक जनपद में रंगदारी या कोई हत्या की घटना नहीं हुई है

काफी शानदार रहा है अभी तक का कार्यकाल


IPS यशवीर सिंह का अब तक का कार्यकाल काफी काबिलेतारिफ रहा है. जब वेअलीगढ़ में पुलिस अधीक्षक देहात थे तो उन्होने अपराधियों के हौसले पस्त कर दिए थे. उस दौरान उन्होने कई घटनाओं का खुलासा करने में भी अहम भूमिका निभाई थी. वहीं यशवीर सिंह का मानना है कि अगर पुलिस के पास अपराधियों का पूरा ढांचा और पूरी जानकारी हो तो अपराधियों पर आसानी से नजर रखी जा सकती है. उनका कहना है कि अपराधी का पूरा ब्यौरा पुलिस के पास होना चाहिए जिससे कभी भी ये पता लगाया जा सके कि वर्तमान में अपराधी किस तरीके के कार्यों में लिप्त है. यशवीर सिंह का कहना है कि अगर अपराधियों पर नजर रखने के लिए ये तरीका अपनाया जाता है तो अपराधियों में पुलिस का डर तो बनेगा साथ ही अपराधिक घटनाओं में भी कमी आएगी और वे अच्छे रास्ते पर चलने को भी मजबूर हो जाएंगे

नॉवेल पढ़ने के शौकीन हैं


IPS यशवीर सिंह को बैडमिंटन रनिंग के साथ साथ खेल कूद काफी पसंद है. वहीं खाली समय में उन्हे अपनी बेटी के साथ बैंडमिंटन खेलना भी खूब भाता है. इतना ही नहीं कप्तान साहब नॉवेल पढ़ने का भी शौक रखते हैं. काम से फ्री होकर अक्सर वे नॉवेल पढ़ते देखे जा सकते हैं.

काम के बावजूद परिवार का पूरा रखते हैं ख्याल


गाजीपुर के पुलिस अधीक्षक यशवीर सिंह अपने काम की वजह से बेशक काफी व्यस्त रहते हैं लेकिन वे अपने परिवार को भी समय देना नहीं भूलते. जनपद में अगर कोई बड़ी घटना ना घटे तो उनके लिए संडे का दिन परिवार के साथ फनडे मनाने का होता है. वह अपने आवास में अपने परिवार के साथ ही रहते हैं. यशवीर सिंह का मानना है कि जितना जरूरी समाज के लिए काम करना है उतना ही जरूरी परिवार के साथ समय बिताना भी है    

कौन है यशवीर सिंह


 
2013 बैच के आईपीएस अधिकारी यशवीर सिंह मूल रूप से हरिद्वार के रायसी गांव के रहने वाले हैं. उनकी शुरूआती शिक्षा रायसी गांव से ही हुई. इसके बाद ग्रेजुएशन करने के लिए वे  पंतनगर चले गए यहां से उन्होंने पशु विज्ञान में स्नातक की डिग्री हासिल की जिसके बाद वे अल्मोड़ा में पशु चिकित्सा अधिकारी बने, लेकिन यशवीर सिंह को पढ़ने का काफी शौक था. पशु चिकित्सा अधिकारी बनने के बाद भी उन्होने अपनी पढ़ाई जारी रखी. और 2013 में उनका IPS सिलेक्शन हुआ. आईपीएस में सिलेक्शन होने के बाद वो ट्रेनिंग के दौरान सहारनपुर में एडिशनल SP ट्रेनिंग रहे वही वह मुरादाबाद में  एएसपी रहे. मुरादाबाद के बाद उनकी अगली जिम्मेदारी अलीगढ़ के पुलिस अधीक्षक देहात के रूप में हुई. अपने इस कार्यकाल के दौरान उन्होने काफी प्रशंसनीय काम किए. उन्होने यहां रहते हुए गरीबों के घरों को दबंगों के कब्जों से मुक्त कराया. यशवीर सिंह ने बताया कि जब उन गरीबों को उनका घर वापस मिला तो उन्हे उस वक्त जितनी खुशी हुई थी उससे ज्यादा खुशी आजतक नहीं हुई. अलीगढ़ के बाद सरकार ने उनको 5 अगस्त 2018 को गाजीपुर का पुलिस अधीक्षक बनाया है. गौर करने वाली बात है कि गाजीपुर अपराध और माफियाओं से भरा हुआ जिला माना जाता रहा है लेकिन जब से यशवीर सिंह ने कार्यभार संभाला है तब से ना केवल अपराधों में कमी आई है बल्कि माफिया गिरोह भी जनपद छोड़ने को मजबूर हो गए हैं.
 
पुलिस मीडिया न्यूज़ यशवीर सिंह को कप्तान की जिम्मेदारी मिलने पर बधाई देता है साथ ही आशा करता है कि उनके कार्यकाल में गाजीपुर से अपराध का जड़ से सफाया होगा और अमन और शांति बहाल होगी.

मुख्य संवाददाता

Chandan Rai

Police Media News

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