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जमात का कार्यक्रम रद्द कराने वाले SP को सरकार ने छुट्टी पर भेजा, उठे सवाल

जमात का कार्यक्रम रद्द कराने वाले SP को सरकार ने छुट्टी पर भेजा, उठे सवाल

पालघर में साधुओं की हत्या का मामला अभी ठंडा नहीं हुआ था कि महाराष्ट्र में एक और नया विवाद खड़ा हो गया है. उद्धव सरकार ने पालघर पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह को अनिवार्य अवकाश पर भेजने का फैसला किया गया है. गौरव सिंह वहीं एसपी हैे जिन्होेने पालघर में मरकज तबलीगी जमात का कार्यक्रम नहीं होने दिया था. अब एसपी को छुट्टी पर भेजे जाने को लेकर सवाल उठ रहे हैं. उद्धव सरकार पर मामलो को लेकर लीपापोती के भी आरोप लग रहे हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने उद्धव सरकार से मांगा जवाब


गौरतलब है कि पिछले महीने लॉकडाउन के दौरान पालघर जिले के एक गांव में भीड़ ने दो साधुओं सहित तीन लोगों की पीट-पीट की हत्या (लिंचिंग) कर दी थी. इस मामले में मई को सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र की उद्धव ठाकरे सरकार को, पालघर में 16 अप्रैल को हिंसक भीड़ द्वारा दो साधुओं सहित तीन व्यक्तियों की पीट पीट कर हत्या किये जाने की घटना की जांच की प्रगति रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया था.

कोर्ट ने मांगी इंटरनल इंवेस्टिगेशन की रिपोर्ट


न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की पीठ ने इस घटना की सीबीआई जांच के लिये दायर याचिका की वीडियो कांफ्रेन्सिंग के माध्यम से सुनवाई के दौरान महाराष्ट्र सरकार को यह निर्देश दिया. महाराष्ट्र सरकार को चार सप्ताह के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट न्यायालय में पेश करनी है.

उद्धव सरकार से सप्ताह में मांगा जवाब


शीर्ष अदालत में दाखिल याचिका में आरोप लगाया गया है कि भीड़ द्वारा दो साधुओं सहित तीन व्यक्तियों की पीट पीट कर हत्या की घटना पुलिस की विफलता का नतीजा है क्योंकि लॉकडाउन के नियमों का उल्लंघन करके यह भीड़ वहां एकत्र हुयी थी. शीर्ष अदालत ने इस हत्याकांड की जांच पर रोक लगाने से इंकार करते हुये याचिकाकर्ता को निर्देश दिया कि वह इस याचिका की एक प्रति महाराष्ट्र सरकार के वकील को सौंपे. राज्य सरकार को चार सप्ताह के भीतर अपना जवाब देना है.

लेखक

Sandhya mishra

Police Media News

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