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कप्तान से लेकर थानाध्यक्षों को DGP के सवालों का करना पड़ेगा सामना

कप्तान से लेकर थानाध्यक्षों को DGP के सवालों का करना पड़ेगा सामना

प्रदेश की कानून-व्यवस्था बेहतर से बेहतर हो इसके लिए पुलिस मुख्यालय ने नये सिरे से प्लानिंग की है. इसके तहत अब पुलिस मुख्यालय ने सीधे फील्ड के अफसरों से रूबरू होने का कार्यक्रम तय किया है. इसी सिलसिले में बिहार के डीजीपी के एस द्विवेदी 16 जनवरी के बाद से राज्यभर का दौरा करने वाले हैं. इसके तहत जिला स्तर पर सुरक्षा और विधि-व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी.

डीजीपी द्वारा अपराधियों की


प्रदेश के डीजीपी दौरे के दौरान हत्या,अपहरण, डकैती, मानव तस्करी,साइबर क्राइम और आर्थिक अपराध से जुड़े ममालों की गहराई से समीक्षा करेंगे. समीक्षा के दौरान इस बात की भी पड़ताल की जाएगी कि मुख्यालय द्वारा पूर्व में दिए गए दिशा निर्देश का किस स्तर पर और किस हद तक अनुपालन किया गया है. समीक्षा के दौरान थानध्यक्ष से लेकर डीएसपी और एसपी को पुलिस मुखिया के सवालों का सामना करना पड़ सकता है. गौरतलब है कि पिछले साल भी डीजीपी द्वारा अपराधियों की गिरफ्तारी, पेंडिंग कांडों को वारंटों का अविलंब निष्पादन, चेकिंग और पेट्रोलिंग को लेकर कई तरह के आदेश दिए गए थे.


समीक्षा करेंगे डीआईजी और आईजी


प्रदेश पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर इस सप्ताह का विशेष अभियान चलाया जा रहा है जिसमें अपराधियों और वारंटियो की गिरफ्तारी को फोकस किया जा रहा है. प्रतिदिन चलने वाले इस अभियान की समीक्षा डीआईजी और आईजी करेंगे. आपको बता दें कि हाल के दिनों में डीजीपी  ने थानों का औचक निरीक्षण भी शुरू किया है. इसका मकसद मातहतों को अपने कर्तव्य अनुपालन के लिए जवाबदेह बनाना है.

पुलिसकर्मी नहीं मानते डीजीपी के आदेश 


प्रदेश पुलिस के डीजीपी के आदेश का एक लेटर वायरल होने के बाद इस बात की चर्चा सरेआम होने लगी थी कि बिहार के पुलिसकर्मी अपने डीजीपी के आदेश तक को नहीं मानते हैं. हालांकि इसके बाद डीजीपी तक को इस पूरे मामले पर सफाई देनी पड़ी थी. जाहिर है डीजीपी अपने सेवनिवृति के पहले इस बात को बताना चाहते हैं कि उनके दिश-निर्देश का हर स्तर पर हर संभव पालन हो रहा है.  

संवाददाता

Lalit Negi

Police Media News

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