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माफिया डॉन बृजेश सिंह के बाद अब जेल से चुनाव लड़कर सांसद बने अतुल राय निकलेंगे जेल से बाहर

माफिया डॉन बृजेश सिंह के बाद अब जेल से चुनाव लड़कर सांसद बने अतुल राय निकलेंगे जेल से बाहर

यूपी में आजम खां के बाद माफिया डॉन बृजेश सिंह के जेल से रिहाई के बाद अब 3 सालों से जेल की सलाखों के पीछे बंद सांसद अतुल राय के भी जेल से बाहर निकले का रास्ता साफ हो गया है.... जी हां उत्तर प्रदेश के वाराणसी (Varanasi) में घोसी (Ghosi) लोकसभा सीट से बसपा (BSP) सांसद अतुल राय (Atul Rai) को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है। जिसमें बीएसपी सांसद अतुल राय को वाराणसी की एमपी-एमएलए कोर्ट ने सबूतों के अभाव में संदेह का लाभ देते हुए कोर्ट ने रेप और धोखाधड़ी के आरोप से बरी कर दिया है। 7 मार्च 2018 को रेप का मामला सामने आया था। 2019 के लोकसभा चुनाव प्रचार के बीच 1 मई 2019 को वाराणसी के लंका थाने में अतुल राय के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। लंका पुलिस मुकदमा दर्ज कर अतुल की तलाश में जुटी थी। उधर गिरफ्तारी से बचकर लोकसभा चुनाव जीतने के बाद 22 जून 2019 को अतुल ने वाराणसी की कोर्ट में सरेंडर कर दिया। इसी बीच 16 अगस्त 2021 को सुप्रीम कोर्ट के सामने पीड़िता और गवाह सत्यम प्रकाश राय ने फेसबुक पर लाइव कर आत्मदाह कर लिया था। तकरीबन 36 महीने से नैनी जेल में बंद अतुल राय पर से मुसीबतों के काले बादल मानों छट गए हैं। 

पीड़िता के बयान को नहीं माना विश्वसनीय

वाराणसी की एसपी-एमएसए कोर्ट ने रेप के आरोप में जेल में बंद बसपा सांसद अतुल राय का जेल से बाहन आने के लिए रास्ता साफ कर दिया है। प्रयागराज की नैनी जेल में बंद सांसद अतुल राय के बरी किए जाने की पुष्टि उनके वकील अनुज यादव और वादी के वकील एडीजीसी ज्योति शंकर ने की है। बता दें कि सांसद अतुल राय पर साल 2019 में  रेप का केस दर्ज किया गया था। जिसमें बलिया जिले की रहने वाली वाराणसी के यूपी कॉलेज की पूर्व छात्रा ने वाराणसी के लंका थाने में केस दर्ज कराया था। इसी मामले में वाराणसी की एमपी-एमएलए कोर्ट के जज सियाराम चौरसिया ने फैसला सुनाया है। कोर्ट ने पीड़िता के दिए गए बयान को विश्वसनीय नहीं माना है। 

पीड़िता और मुख्य गवाह ने कर ली थी आत्महत्या

वहीं न्याय ना मिल पाने और अकारण ही प्रथाड़ित करने को लेकर बीते वर्ष अगस्त माह में रेप पीड़िता और उसके गवाह ने सुप्रीम कोर्ट के सामने खुद को आग लगा कर जान दे दी थी। इसी मामले की आग को हवा देने वाले यूपी पुलिस के पूर्व अधिकारी व पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर पर सांसद के साथ मिली भगत का आरोप लगा था। इतना ही नहीं इसी मामले में वाराणसी एसपी सिटी रहे विकास चंद्र त्रिपाठी को भी निलंबित कर दिया गया था। 

लेखक

Madhvi Tanwar

Police Media News

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